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कांग्रेस का मुस्तक़बिल ग़ैर यक़ीनी, शरद पवार की जज़बाती वाबस्तगी

नई दिल्ली: एन सी पी के सीनियर लीडर शरद पवार ने कहा कि वो आज भी दिल्ली तौर पर कांग्रेसी हैं। उन्होंने अंदेशा ज़ाहिर किया कि मुल्क में क़दीम तरीन इस पार्टी का मुस्तक़बिल ग़ैर यक़ीनी दिखाई देता है। शरद पवार ने हाल ही में जारी करदा सवानिह हयात में कहा कि वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी के काम करने के अंदाज़ से तशवीश बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान पर हुक्मरानी गुजरात पर हुक्मरानी की तरह नहीं है। शरद पवार ने 1999 में सोनिया गांधी के बैरूनी नज़ाद मसला पर कांग्रेस से अलाहदगी इख़तियार की थी। उन्होंने कहा कि आज भी जज़बाती तौर पर कांग्रेस से उनकी वाबस्तगी है। उन्होंने कहा कि हालिया अरसे के दौरान कांग्रेस के नाक़िस मुज़ाहिरे से उन्हें काफ़ी दुख पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सियासत अब सिर्फ राहुल गांधी के अतराफ़ घूम रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में कांग्रेस के लिए हालात का मुक़ाबला करते हुए क़ौमी सतह पर बी जे पी का नाक़ाबिल-ए-शिकस्त मुतबादिल साबित होना एक मुश्किल काम लग रहा है। उन्होंने कहा कि इस लहर को रोकने के लिए कांग्रेस के पास उसके सिवा कोई मुतबादिल नहीं कि वो छोटी और इलाक़ाई जमातों को भी अपने साथ शामिल करें।

हलीफ़ जमातों के माबैन बाहमी एतिमाद की फ़िज़ा-ए-बहाल की जाये। ऐसी सूरत में ही ये इत्तेहाद कामयाब हो सकता है और इस मामले में वही जज़बा दिखाया जाना चाहिए जो साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म अटल बिहारी वाजपाई के दौर में देखा गया था। साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह का हवाला देते हुए शरद पवार ने कहा कि कांग्रेस ज़ेरे क़ियादत यू पी ए हुकूमत में उन्होंने काफ़ी सलाहियतों का मुज़ाहरा किया है।

एन सी पी लीडर ने कहा कि राहुल गांधी अभी नौजवान हैं और उन्हें अपनी सलाहियतें साबित करने के लिए वक़्त दिया जाना चाहिए। राहुल गांधी के मुल्क गीर दौरों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस वक़्त इंतेहाई ख़राब हालत में है और हालात को बेहतर बनाने की ज़रूरत है।

वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी के अंदाज़-ए-कारकर्दगी पर भी उन्होंने तशवीश ज़ाहिर की है। शरद पवार ने कहा कि किसी एक रियासत जैसे गुजरात में अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ हुक्मरानी की जा सकती थी, लेकिन क़ौमी सतह पर यही तकनीक नहीं अपनाई जा सकती। उन्होंने कहा कि बी जे पी का मोदी के डीज़ाइनर करते पर इन्हिसार सेहत मंद अलामत नहीं है।

इसी तरह कांग्रेस की सियासत भी राहुल गांधी के अतराफ़ ही घूमती है। शरद पवार ने कहा कि बी जे पी की मक़बूलियत का ग्राफ़ जू 2014 में बढ़ा हुआ था , अब मुसलसल गिरावट का शिकार है। उन्होंने कहा कि पार्टी फ़ौरी मूसिर इक़दामात ना करे तो तवील अरसे तक इक़्तेदार पर बरक़रार रहना मुश्किल होगा। शरद पवार ने ये इन्किशाफ़ किया कि 1991 में राजीव गांधी की हलाकत के बाद वो इन क़ाइदीन में शामिल थे जिन्होंने सोनिया गांधी को सदारती ओहदा सँभालने की पेशकश की थी।

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