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कांग्रेस को इक़तिदार से बेदखल करने इलाक़ाई जमातों से तआवुन की अपील: मोदी

वज़ारत-ए-उज़मा का ख़ाब देख रहे नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद से चुनाव मुहिम का आग़ाज़ कर दिया। भारतीय जनता पार्टी के चुनाव बगल के तौर पर पेश किए जा रहे लाल बहादुर स्टेडीयम के जल्सा-ए-आम से नरेंद्र मोदी ने बहके बहके अंदाज़ में ख़िताब करते ह

वज़ारत-ए-उज़मा का ख़ाब देख रहे नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद से चुनाव मुहिम का आग़ाज़ कर दिया। भारतीय जनता पार्टी के चुनाव बगल के तौर पर पेश किए जा रहे लाल बहादुर स्टेडीयम के जल्सा-ए-आम से नरेंद्र मोदी ने बहके बहके अंदाज़ में ख़िताब करते हुए कभी पाकिस्तान तो कभी बंगलादेश को निशाना बनाया और कभी चीन की तरफ से की गई दरअंदाज़ी की याददेहानी करवाई।

नरेंद्र मोदी ने केराला में इतालवी मैरीन की तरफ से हलाक करदा दो मछेरों को भी याद किया। इस के साथ साथ उन्होंने सरहद पर शहीद होने वाले पाँच फ़ौज के जवानों को भी याद किया लेकिन 2002 में गुजरात में हुई ख़ूँरेज़ी का नरेंद्र मोदी ने कोई तज़किरा नहीं किया।

नरेंद्र मोदी ने मजमूई तौर से कांग्रेस को निशाना बनाने की कोशिश करते हुए वाहिद नकाती एजंडे के तौर पर बात की और कहा कि मुल्क को कांग्रेस से पाक करने के लिए हर तरह की जद्द-ओ-जहद की जाने की ज़रूरत है।

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात ने जय तेलंगाना और जय सीमा। आंध्र के अलैहदा नारों के ज़रीये भारतीय जनता पार्टी के तेलंगाना और आंध्र के मुताल्लिक़ नज़रिये को पेश किया।

उन्होंने मुल्क में घूटालें और धांदलियों के लिए बरसर-ए-इक़तिदार कांग्रेस को ज़िम्मेदार क़रार देते हुए दरयाफ़त किया कि काले धन की वापसी के सिलसिले में कांग्रेस ने ख़ामोशी इख़तियार करते हुए किस का तहफ़्फ़ुज़ किया है? उन्होंने कश्मीर के हालात पर अफ़सोस का इज़हार करते हुए कहा कि जिस वक़्त सरहद पर पाँच हिंदुस्तानी फ़ौजी जवानों के सर काटे गए थे, उस वक़्त वज़ीर-ए-आज़म ने कहा था कि अगर दुबारा इस तरह की हरकत पाकिस्तान की तरफ से होती है तो हिंदुस्तान भी हिसाब बराबर करेगा।

उन्होंने मर्कज़ी हुकूमत से इस्तिफ़सार किया कि क्यों मर्कज़ अब तक ख़ामोशी इख़तियार किए हुए है जबकि पिछ्ले एक हफ़्ते में एक से ज़ाइद मर्तबा पाकिस्तान ने जंग बंदी मुआहिदा की ख़िलाफ़वरज़ी करते हुए हिंदुस्तानी फ़ौजी जवानों को शहीद किया है। नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना मसले पर कांग्रेस को ग़ैरसंजीदा क़रार देते हुए कहा कि जब एन डी ए ने छोटी रियास्तें तशकील दें तो उस वक़्त कोई हंगामा आराई नहीं हुई, अब जबकि कांग्रेस तेलंगाना की तशकील की बात कररही है तो सीमा आंध्र जल रहा है।

उन्होंने कांग्रेस को तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि जब 10 साल बाद ही रियासत को अलैहदा करना था तो फिर 2004 में ही ये अमल शुरू क्यों नहीं किया गया। अगर एसा किया जाता तो सीमा आंध्र और तेलंगाना अवाम में टकराव पैदा नहीं होता।

उन्होंने तेलंगाना मसले पर तबसरा करते हुए सीमा आंध्र अवाम से अपील की के वो भाई भाई में टकराव‌ की सूरत-ए-हाल पैदा ना करें। उन्होंने कांग्रेस को मल्क के लिए बोझ क़रार देते हुए कहा कि बहुत जल्द मुल्क पर से ये बोझ उतर जाएगा।

नरेंद्र मोदी ने एन टी रामा राव‌ को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हुए कहा कि एन टी रामा राव‌ की कोशिशों के सबब ही हिंदुस्तान में पहली मर्तबा गैरकांग्रेसी हुकूमत तशकील पाई थी।

इसी लिए आंध्र प्रदेश के तेलुगू अवाम को चाहीए कि वो एन टी आर को भरपूर ख़िराज-ए-अक़ीदत अगर पेश करना चाहते हैं तो मुल्क से कांग्रेस के सफ़ाया को यक़ीनी बनाईं। उन्होंने तेलुगूदेशम पार्टी को रास्त मश्वरह देते हुए कहा कि वो एन टी रामा राव‌ की ख़ाहिश को पूरा करने के लिए कांग्रेस के सफाए और गैरकांग्रेसी हुकूमत की तशकील को यक़ीनी बनाने में तआवुन करें।

नरेंद्र मोदी के जल्सा-ए-आम में शिरकत के लिए हज़ारों की तादाद में अवाम लाल बहादुर स्टेडीयम पहूंचे थे जहां ये तवक़्क़ो की जा रही थी कि नरेंद्र मोदी अपने मुनफ़रद अंदाज़ में गुजरात की तरक़्क़ी के मुताल्लिक़ दावे करेंगे लेकिन उन्होंने गुजरात की तरक़्क़ी के दावें को दुहराने के बजाये बहके हुए अंदाज़ में मुक़ामी, रियास्ती, क़ौमी, आलमी मसाइल का तज़किरा करने की कोशिश की।

नरेंद्र मोदी ने लाल बहादुर स्टेडीयम में अपने ख़िताब का आग़ाज़ तेलुगू में करते हुए सब को हैरतज़दा कर दिया। मोदी जो तहरीरी ख़िताब पढ़ रहे थे , ने तेलुगू ज़बान के इस्तेमाल के ज़रीये आंध्र प्रदेश के अवाम के दिलों में जगह बनाने की कोशिश की लेकिन नरेंद्र मोदी की तरफ से टूटी फूटी तेलुगू ज़बान से ख़ुद लाल बहादुर स्टेडीयम में मौजूद शुरका भी मुतास्सिर होते नज़र नहीं आए, लेकिन एक मुक़ाम पर जब नरेंद्र मोदी ने ये दावा किया कि उनके गुजरात में तेलुगू मीडियम स्कूल भी चलाए जा रहे हैं तो अवाम ने इस दावे का ख़ौरमक़दम किया।

नरेंद्र मोदी ने तेलुगू में इंज़िमाम हैदराबाद की तारीख़ का हवाला देते हुए कहा कि 17 सितंबर को जब रियासत दक्कन हैदराबाद हिंदुस्तान में ज़म हुई उस तारीख़ को वो कभी नहीं भला सकते चूँकि वो इन का जन्म दिन भी है। मोदी ने अपने मुख़्तसर तेलुगू ख़िताब के दौरान हिंदुस्तान की तरक़्क़ी में तेलुगू अवाम के किरदार की सराहना की।

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