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काला धन मसला: हिन्दुस्तान ठोस सबूत पेश करे

मुंबई सिर्फ़ अंदाज़ों और अंदेशों से काम नहीं चलेगा स्विस हुकूमत का बयान

मुंबई

सिर्फ़ अंदाज़ों और अंदेशों से काम नहीं चलेगा स्विस हुकूमत का बयान

बैरूनी मुल्कों के बैंकों में मुबय्यना तौर पर काले धन को पोशीदा रखे जाने के केस को हिन्दुस्तान की जानिब से सवाल उठाए जाने पर स्विट्जरलैंड ने कहा कि हिन्दुस्तान को काले धन मसले पर ठोस सबूत पेश करना होगा सिर्फ़ अंदाज़ों और अंदेशों से काम नहीं चलेगा।

ग़ैर ज़रूरी तवक़्क़ुआत पैदा करने से स्विस हुक्काम हिन्दुस्तान की कोई मदद नहीं करसकेगा। सब से पहले स्विस हुक्काम को स्विस बैंकों में अकाउंट रखने वाले तमाम हिन्दुस्तानियों के नाम फ़राहम करने होंगे। इस के बगै़र स्विस हुक्काम अपने बिल पर आज़ादाना तौर पर तहक़ीक़ात करसकेंगे।

स्विट्जरलैंड‌ के सफ़ीर बराए हिंद लीवइस वोन कासटलमीर ने ये भी कहा कि माज़ी के तजुर्बा को फ़रामोश नहीं किया जा सकता । उन्होंने टैक्स चोरी करनेवालों का पता चलाने केलिए हिन्दुस्तान की मुकम्मल मदद करने का वाअदा किया और कहा कि इस तरह के केसों में कुछ तो सबूत मिलना चाहिए।

उन्होंने इस बात से इत्तेफ़ाक़ किया कि स्विस बैंकों में जमा करदा पूरी रक़म टैक्स चोरी के ज़रिये जमा करदा नहीं होसकती। माज़ी में जो रक़ूमात जमा की गई हैं इन में से ज़्यादा तर रक़ूमात टैक्स चोरी की नहीं होंगी क्योंकि स्विट्जरलैंड‌ कई दहों से मुख़्तलिफ़ ज़राए से हासिल होने वाली दौलत को जमा करने की सब से बड़ी और अहम मंज़िल समझा जाता है।

सफ़ीर स्विट्जरलैंड‌ बराए हिंद ने कहा कि अकाउंट होल्डर्स की मस्रूक़ा फ़हरिस्तों की बुनियाद पर स्विस हुक्काम कोई तआवुन नहीं करसकेगा। हिन्दुस्तानी एजेन्सीयों की आज़ादाना तहक़ीक़ात की ज़रूरत होगी ताकि कम अज़ कम टैक्स की धोका दही के मुर्तक़िब अफ़राद के ख़िलाफ़ बादियुन्नज़र में सबूत मिल सके।

हम हिन्दुस्तान की तशवीश से वाक़िफ़ हैं और उसकी मजबूरीयों को समझते हैं लेकिन हम को इस मसले पर पूरी तरह से समझने केलिए ज़रूरी है कि ठोस सबूत फ़राहम किए जाएं। इस मामले पर हालिया दिनों में ज़बरदस्त गौर व ख़ौस हुआ है। हिन्दुस्तानी हुकूमत को अपोज़िशन की तन्क़ीदों का सामना भी है कि वो 100दिन के अंदर काले धन को वापिस लाने का वाअदा पूरा करने में नाकाम हुई है।

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