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काले धन पर हुकूमत के तय्यक़ुन‌ की तकमील का मुतालिबा

नई दिल्ली । 11 । अप्रैल (पी टी आई) बी जे पी के सिनियर‌ क़ाइद एल के अडवानी ने आज काले धन के मसले पर हुकूमत की बे अमली पर मायूसी ज़ाहिर करते हुए सदर जमहूरीया हिंद प्रणब‌ मुख‌र्जी पर ज़ोर दिया कि वो इस बात को यक़ीनी बनाएं कि काले धन के मसले पर

नई दिल्ली । 11 । अप्रैल (पी टी आई) बी जे पी के सिनियर‌ क़ाइद एल के अडवानी ने आज काले धन के मसले पर हुकूमत की बे अमली पर मायूसी ज़ाहिर करते हुए सदर जमहूरीया हिंद प्रणब‌ मुख‌र्जी पर ज़ोर दिया कि वो इस बात को यक़ीनी बनाएं कि काले धन के मसले पर हुकूमत ने गुज़िश्ता साल वाएट पेपर जारी करते हुए जो तीक़न दिया था उसकी तकमील की जाये।

अडवानी ने अपने ब्लॉग पर तहरीर किया कि वाएट पेपर में जो कुछ तय्यक़ुन‌ दिया गया था इस पर हनूज़ कोई कार्रवाई ना होना मायूस कुन है । उन्होंने कहा कि वो सदर जमहूरीया प्रणब‌ मुख‌र्जी पर ज़ोर देना चाहते हैं कि वो इस बात को यक़ीनी बनाएं कि हुकूमत ने अवाम से जो वाअदा किया था इस पर लफ़ज़न-ओ-मानन अमलावरी की जाये।

उन्होंने इज़हार-ए-अफ़सोस किया कि तीन महिकमों को काले धन की मिक़दार और मीआर का तीन करने की ज़िम्मेदारी सपुर्द की गई थी लेकिन उन्होंने हनूज़ अपनी रिपोर्टस पेश नहीं की हैं। बी जे पी क़ाइद ने कहा कि ना सिर्फ़ ताक़तवर ममालिक जैसे अमेरीका और जर्मनी बल्कि छोटे ममालिक जैसे नाइजीरिया , पेरू और फ़िलपाइन ने टैक्स से बचने केलिए महफ़ूज़ पनाह गाहों में नाजायज़ तौर पर जमा करदा रक़ूम वापिस हासिल करने में कामयाबी हासिल करली है लेकिन इस के बरअक्स हिन्दुस्तान में हम ने सिर्फ़ चंद नामों के बारे में चंद खबरें पढ़ी हैं।

हमें चाहीए था कि सोइज़ बैंकों यह टैक्स चोरों की दीगर महफ़ूज़ पनाह गाहों में जमा शूदा रक़म मुल्क वापिस लाते लेकिन गैरकानूनी तौर पर बैरून मुल्क जमा किया हुआ एक पैसा भी हिन्दुस्तान वापिस नहीं लाया गया । बी जे पी क़ाइद ने काले धन का मसला जो बैरून मुल्क महफ़ूज़ टैक्स से बचने वाली पनाह गाहों में जमा किया गया है, उठाया था और मुल्क गैर सतह पर 2011 की आख़िरी चौथाई में जन चेतना यात्रा मुनज़्ज़म की थी जिस का मर्कज़ तवज्जु इफ़रात-ए-ज़र , करप्शन और काला धन था।

उनकी पहली यात्रा में आम तास्सुर के बरअक्स राम मंदिर मसले पर करप्शन, काला धन और इफरात-ए-ज़र के मसाइल से ज़्यादा अवामी रद्द-ए-अमल हासिल हुआ था। उन्होंने कहा कि 1997 की स्वर्णजयंती रथयात्रा और 2011 की जन चेतना यात्रा पर अज़म तरीन रद्द-ए-अमल हासिल हुआ था ।

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