Thursday , October 19 2017
Home / India / काले धन पर क़िरतास-ए-अबयज़ जारी करने हुकूमत का तीक़न

काले धन पर क़िरतास-ए-अबयज़ जारी करने हुकूमत का तीक़न

नई दिल्ली, १५ दिसम्बर: (पी टी आई) मर्कज़ी वज़ीरफ़ीनानस परनब मुकर्जी ने आज लोक सभा में ऐलान किया कि हुकूमत काले धन के मसला पर क़िरतास-ए-अबयज़ जारी करेगी जबकि लोक सभा में आज हुकूमत ने इन्किशाफ़ किया कि 36 हज़ार इत्तिलाआत बैरून-ए-मुल्क हिंदूस्

नई दिल्ली, १५ दिसम्बर: (पी टी आई) मर्कज़ी वज़ीरफ़ीनानस परनब मुकर्जी ने आज लोक सभा में ऐलान किया कि हुकूमत काले धन के मसला पर क़िरतास-ए-अबयज़ जारी करेगी जबकि लोक सभा में आज हुकूमत ने इन्किशाफ़ किया कि 36 हज़ार इत्तिलाआत बैरून-ए-मुल्क हिंदूस्तानियों के अकाउंट रखने के बारे में हासिल होचुकी है।

ताहम मुकर्जी ने अप्पोज़ीशन के इस मुतालिबा को मुस्तर्द कर दिया कि महसला इत्तिलाआत का बरसर-ए-आम ऐलान किया जाये। उन्हों ने कहा कि ऐसा करना बैरूनी ममालिक के साथ मुआहिदात की ख़िलाफ़वरज़ी होगा और हमारे ज़राए इत्तिलाआत ख़तम् हो जाएंगी।

उन्हों ने तहरीक अलतवा बराए कालाधन पुर पुरजोश मुबाहिस का जवाब देते हुए कहा कि हुकूमत के लिए मालूमात का बरसर-ए-आम ऐलान मुम्किन नहीं है। बादअज़ां बी जे पी क़ाइद ईल के अडवानी की पेश की हुई क़रारदाद नदाई वोट के ज़रीया मुस्तर्द करदी गई जबकि समाजवादी पार्टी ने वाक आउट किया।

अपोज़ीशन के बे अमली या बददिली के इल्ज़ामात को मुस्तर्द करते हुए परनब मुकर्जी ने कहा कि हुकूमत गै़रक़ानूनी अकाउंट्स के बारे में जो बैरून-ए-मुल्क हैं, मालूमात हासिल करने की कोशिश कररही है। वो मालूमात की तशहीर नहीं चाहती। क्योंकि अकाउंट होल्डर्स अपनी रक़ूमात वापिस भी हासिल कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इन के पास 36 हज़ार इत्तिलाआत हैं। अगर वो उसे शाय करें तो ये बैरूनी ममालिक से मुआहिदात की ख़िलाफ़वरज़ी होगी। इस लिए वो ऐसा नहीं कर सकती। उन्हों ने वाज़िह करदिया कि अरकान-ए-पार्लीमैंट के नाम मालूमात में शामिल नहीं हैं।

उन्हों ने कहा कि स्विटज़रलैंड के साथ टैक्स मुआहिदा में तरमीम की गई है और इस पर अमल आवरी का आग़ाज़ भी होचुका है। इस से हिंदूस्तान को यक्म अप्रैल 2011-ए-के असतक़दामी असर से बैंकिंग के बारे में मालूमात हासिल हो सकेंगी।

जन चैतना यात्रा से किया हासिल हुआ?

मर्कज़ी वज़ीरफ़ीनानस परनब मुकर्जी ने लोक सभा में एल के अडवानी की जन चेतना यात्रा और बी जे पी के ऐलान पर कि इस के अरकान-ए-पार्लीमैंट में से किसी के भी बैरून-ए-मुल्क गै़रक़ानूनी एकाउंट्स नहीं है।

मुबाहिस के जवाब के दौरान तन्क़ीद करते हुए कहा कि हालाँकि वो बी जे पी क़ाइद की कोशिशों की सताइश करते हैं, लेकिन ये वाज़िह नहीं होसका कि इन की यात्रा से कौनसे मक़ासिद हासिल हुई। उन्हों ने कहा कि वो जन चेतना यात्रा के नताइज जानना चाहते हैं, जिस के लिए उन्हों ने ये थका देने वाली यात्रा मुल्क़ के एक गोशे से दूसरे गोशे तक की थी।

उन्हों ने जानना चाहा कि इस कोशिश में इन की सरगर्मी से बैरून-ए-मुल्क खातों में कितनी कमी हुई, इस का इन्किशाफ़ करें। मुकर्जी ने कहा कि गुज़शता 2 साल से हर मुम्किन मुख़लिसाना कोशिश बिशमोल हुकूमत स्विटज़रलैंड से ख़ाहिश के बावजूद उन की हुकूमत मख़सूस इत्तिलाआत फ़राहम नहीं कर सकी।

उन्हों ने बी जे पी अरकान-ए-पार्लीमैंट के गै़रक़ानूनी, ग़ैरमुल्की बैंक खाते ना होने के इद्दिआ का मज़ाक़ उड़ाते हुए कहा कि कोई भी एतराफ़ नहीं करता कि इस के गै़रक़ानूनी खाते हैं।

TOPPOPULARRECENT