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काग़ज़ से बने दिलकश(खुबसूरत) और इंतिहाई दीदा जे़ब(देखने वाली आँख ) फ़न पारे

माहिर फ़नकार(कलाकार) तो आप ने बहुत से देखे होंगे ,जापान की Hina Aoyama का नाम भी ऐसे ही आर्टिस्टों में शुमार किया जाता है जो काग़ज़ से इंतिहाई नफ़ीस(नाज़ुक) और दिलकश ( खुबसूरत )फ़न पारे तैय्यार(बनाना) करने की सलाहीयत रखती हैं।

माहिर फ़नकार(कलाकार) तो आप ने बहुत से देखे होंगे ,जापान की Hina Aoyama का नाम भी ऐसे ही आर्टिस्टों में शुमार किया जाता है जो काग़ज़ से इंतिहाई नफ़ीस(नाज़ुक) और दिलकश ( खुबसूरत )फ़न पारे तैय्यार(बनाना) करने की सलाहीयत रखती हैं।

ये आर्टिस्ट काग़ज़ को क़ैंची की मदद से तराश(काटना) कर कई महीनों की मेहनत के बाद ऐसे मबहूत(हैरान) कुन शाहकार(कला ) तैय्यार करती है के देखने वाली आँख दंग रह जाती है।ये अनोखे फ़न पारे तैय्यार करते हुए आर्टिस्ट को तेज़ हवा ,पानी और यहां तक अपने हाथों की ग़ैर ज़रूरी जुंबिश(हरकत)से भी महफ़ूज़ रखना पड़ता है।काग़ज़ क़बल मसीह दौर की ईजाद( पैदा करना) है और सब से पहले काग़ज़ फ़राइना मिस्र के दौर में ईजाद किया गया था, जो पा पैरिस कहलाता था।

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