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किरण कुमार रेड्डी से मुहम्मद अली शब्बीर की नुमाइंदगी(प्रतिनिधित्व‌) पर तीक़न

हैदराबाद१२ अक्टूबर, ( सियासत न्यूज़)चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने साबिक़ (पूर्व‌)रियास्ती वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद-ओ-रुकन राबिता(संबंध‌) कमेटी मुहम्मद अली शब्बीर को यक़ीन दिलाया कि अक़ल्लीयती बहबूद से मुताल्लिक़ (संब‍ंधित‌)अ

हैदराबाद१२ अक्टूबर, ( सियासत न्यूज़)चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने साबिक़ (पूर्व‌)रियास्ती वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद-ओ-रुकन राबिता(संबंध‌) कमेटी मुहम्मद अली शब्बीर को यक़ीन दिलाया कि अक़ल्लीयती बहबूद से मुताल्लिक़ (संब‍ंधित‌)असकीमात में बे क़ाईदगियों में मुलव्वस (सना हुआ)अफ़राद को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वो कितने अहम ओहदा पर ही फ़ाइज़ (कामयाब‌)क्यों ना हूँ।

अक़ल्लीयती फ़ीनानस कारपोरेशन में अक़ल्लीयती तलबा की स्कालर शिप्स‌ में 55करोड़ से ज़ाइद के अस्क़ाम के मंज़रे आम पर आने के बाद मुहम्मद अली शब्बीर ने प्रकाशम ज़िला के दौरा में मसरूफ़ चीफ़ मिनिस्टर से फ़ोन पर रब्त पैदा किया और तफ़सीलात से वाक़िफ़ किराया।उन्हों ने चीफ़ मिनिस्टर से कहा कि अक़ल्लीयती तलबा की तालीमी तरक़्क़ी के लिए हुकूमत जो फ़ंडज़ फ़राहम कर रही है इस में बे क़ाईदगियों के ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुहम्मद अली शब्बीर ने सी बी सी आई डी की तहक़ीक़ात का ख़ौरमक़दम किया और इस तहक़ीक़ात को दीगर असकीमात में भी तौसीअ देने की तजवीज़(विचार‌) पेश की। उन्हों ने कहा कि गुज़श्ता कई बरसों से स्कालरशिप्स‌ और फ़ीस बाज़ अदायगी असकीमात में बे क़ाईदगियों की शिकायात मिल रही थीं लेकिन उन की तहक़ीक़ात नहीं की गईं जिस के बाइस ख़ाती अफ़राद क़ानून के शिकंजा से बच रहे थी। चीफ़ मिनिस्टर ने यक़ीन दिलाया कि स्कालरशिप्स और फ़ीस बाज़ अदायगी की रक़ूमात हड़पने वाले अफ़राद को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हों ने कहा कि सी बी सी आई डी को हिदायत दी गई है कि वो अपनी तहक़ीक़ात में कोई रियायत ना करे ।

मुहम्मद अली शब्बीर ने कहा कि मआशी (आर्थिक‌)मुश्किलात के बावजूद रियास्ती हुकूमत फ़ीस बाज़ अदायगी और स्कालरशिप्स‌ केलिए बजट जारी कररही है लेकिन इस में बदउनवानीयों का इर्तिकाब करना नाक़ाबिल माफ़ी जुर्म ही। उन्हों ने कहा कि ग़रीब-ओ-मुस्तहिक़ अक़ल्लीयती तलबा को आला तालीम और पेशावराना कोर्सेस से आरास्ता करने केलिए फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम का आग़ाज़ किया गया था और इस के बेहतर नताइज (नतीजे)बरामद हुए हैं, कई हज़ार तलबा हुकूमत की फ़ीस पर मैडीकल, इंजीनीयरिंग और दीगर शोबों में तालीम हासिल कर रहे हैं।

उन्हों ने कहाकि अक़ल्लीयती तलबा की तालीम के लिए मुख़तस फ़ीस को हड़प करना दरअसल अक़ल्लीयती तलबा के साथ नाइंसाफ़ी (अन्याय‌)के मुतरादिफ़(बराबर‌) है। उन्हों ने गुज़श्ता कई बरसों से असकीमात पर अमल आवरी का जायज़ा लेने का मुतालिबा किया। मुहम्मद अली शब्बीर ने अक़ल्लीयती बहबूद की असकीमात पर आला सतही इजलास(बैठलाना) की तलबी की तजवीज़ पेश की ताकि असकीमात पर मूसिर अमल आवरी को यक़ीनी बनाया जा सकी।

किरण कुमार रेड्डी ने यक़ीन दिलाया कि वो हैदराबाद वापसी के बाद इस मसला पर इन से मुशावरत(परामर्श‌) करेंगे और जामि हिक्मत-ए-अमली(कूटनीति) के साथ अक़ल्लीयती असकीमात पर मूसिर अमल आवरी को यक़ीनी बनाया जाएगा।वाई ऐस राज शेखर रेड्डी ने अक़ल्लीयतों के लिए फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम का आग़ाज़ किया था और इस वक़्त मुहम्मद अली शब्बीर अक़ल्लीयती बहबूद(भलाई) के वज़ीर थी। अक़ल्लीयतों के लिए तालीम और रोज़गार में 4%तहफ़्फुज़ात भी राज शेखर रेड्डी के दौर-ए-हकूमत में मुतआरिफ़(पहचानने वाला) किए गई।

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