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PM मोदी की स्मार्ट सिटी परियोजना पर सिर्फ बात हो रही है, काम कुछ भी नहीं हो रहा: अजीम प्रेमजी

बेंगलूरु। पीएम मोदी की स्मार्ट सिटी परियोजना सिर्फ दिखावटी है. इस योजना पर बातें अधिक हो रही हैं और काम कुछ नहीं हो रहा. यह बात देश की तीसरी सबसे बड़ी आइटी फर्म विप्रो के मुखिया अजीम प्रेमजी ने कही है.

यह बात प्रेमजी ने कंपनी के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान छात्रों से मुखातिब होकर कही. स्मार्ट सिटी मिशन राजग सरकार का एक प्रमुख फ्लैगशिप प्रोग्राम है. इसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने 25 जून, 2015 में की थी.

इस परियोजना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी ध्यान दिया मगर इसका कार्यान्वयन अब ठंडे बस्ते में चला गया है, इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रेमजी ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना से ध्यान भटक गया है.

प्रेमजी ने आगे कहा, ‘सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि यह परियोजना आगे बढ़ती रहे मगर ज़मीन पर इस दिशा में फिलहाल कोई काम होता नहीं दिख रहा. उनकी कंपनी इस परियोजना के लिए स्मार्ट लाइटिंग व्यवस्था और आईटी सेवाएं देने की पहल की थी।

छात्रों के साथ अपने स्कूल के दिनों की यादें ताजा करते हुए आईटी दिग्गज ने कहा कि वे बेहद शरारती छात्र थे और इसके कारण कक्षा में कई बार कक्षा के बाहर घुटनों के बल बैठना पड़ता था. भले ही छात्रों को अब इस तरह दंडित करने की परंपरा खत्म हो चुकी है मगर उन्हें कई बार मार पड़ी और कक्षा के बाहर घुटनों के बल बैठना पड़ा।

 

 

 

देश की तीसरी सबसे बड़ी आइटी फर्म विप्रो के मुखिया अजीम प्रेमजी

हसन प्रेमजी ने कहा कि केंद्र सरकार का स्मार्ट सिटी परियोजना महज दिखावटी होकर रह गई है। इस परियोजना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी ध्यान दिया मगर इसका कार्यान्वयन ठंडे बस्ते में चला गया है। इस योजना पर बातें अधिक हो रही हैं और काम कुछ नहीं हो रहा।

यहां शनिवार को विप्रो अर्थियन अवार्ड 2016 के दौरान अपने उद्बोधन में प्रेमजी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्मार्ट सिटी परियोजना से ध्यान भटक गया है।Ó यह राजग सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक था जिसकी घोषणा जून 2015 में की गई थी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाई और सोल्यूशंस उपलब्ध कराने की बात कही।

मगर यह परियोजना अब सिर्फ कहने के लिए रह गई है। इस पर सिर्फ बातें हो रही हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए की यह परियोजना आगे बढ़ती रहे मगर धरातल पर इस दिशा में नगण्य पहल हुई है। उनकी कंपनी इस परियोजना के लिए स्मार्ट लाइटिंग व्यवस्था और आईटी सेवाएं देने की पहल की थी।

छात्रों के साथ अपने स्कूल के दिनों की यादें ताजा करते हुए आईटी दिग्गज ने कहा कि वे बेहद शरारती छात्र थे और इसके कारण कक्षा में कई बार कक्षा के बाहर घुटनों के बल बैठनाÓ पड़ता था। भले ही छात्रों को अब इस तरह दंडित करने की परंपरा खत्म हो चुकी है मगर उन्हें कई बार मार पड़ी और कक्षा के बाहर घुटनों के बल बैठना पड़ा।

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई क्यों छोड़ दी प्रेमजी ने कहा कि उनके पिता काफी कम उम्र में चल बसे। उनपर जिम्मेदारियां आ गई थीं इसलिए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और काफी बाद में इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में मास्टर की उपाधि हासिल की।

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