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केदार घाटी में अब महामारी से लड़ने पहुंची फौज

देहरादून, 28 जून: केदारघाटी में लाशें के सड़ने से फैल रही वबाई बीमारियों ( महामारी) को रोकने का जिम्मा भी अब फौज के जवानों ने संभाल लिया है। जुमेरात के दिन आर्मी के खुसुसी घाटी में उतरे और वहां फैल रही वबाई बीमारियों को रोकने के लिए

देहरादून, 28 जून: केदारघाटी में लाशें के सड़ने से फैल रही वबाई बीमारियों ( महामारी) को रोकने का जिम्मा भी अब फौज के जवानों ने संभाल लिया है। जुमेरात के दिन आर्मी के खुसुसी घाटी में उतरे और वहां फैल रही वबाई बीमारियों को रोकने के लिए मुहिम छेड़ दी।

उनके साथ खास तौर से ट्रेंड सफाई करने वाले मुलाज़्मीन भी गए हैं जो लाशों को ठिकाने लगाने में उनकी मदद करेंगे। इस काम में इन कमांडो की मदद के लिए नेवी के 14 खुसूसी कमांडो को भी बुलाया गया है। ये कमांडो भी गुप्तकाशी पहुंच गए हैं।

इम्कान है कि इन्हें आज ( जुमे) घाटी में उतारा जाएगा। गुप्तकाशी (देवशाल) हेलीपैड पर जुमेरात को हेलीकाप्टर से आर्मी के खुसूसी कमांडो और सफाई करने वाले मुलाज़्मीन पहुंचे। यहां से इनको आर्मी के तीन हेलीकाप्टर से केदार घाटी में उतारा गया।

ये कमांडो अपने साथ दवाइयां, ब्लीचिंग पाउडर, केमिकल के इलावा दूसरी जरूरी चीजें अपने साथ ले गए हैं। 12 दिनों से घाटी में पड़ी लाशें न सिर्फ सड़ चुकी हैं बल्कि इनकी बदबू से पूरे इलाके में बीमारी भी फैल गयी है।

ये कमांडो गौरीकुंड से जंगलचट्टी तक फैले जंगलों में सर्च मुहिम चलाएंगे तथा Chemical solution और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करेंगे। जिससे लाशों पर भनभना रही मक्खियां और कीड़े मकोड़े मर जाएं।

कमांडो गौरीकुंड से जंगलचट्टी के बीच के जंगलों में सर्च मुहिम चलाकर भूले भटके लोगों को भी निकालने का काम करेंगे। उधर, हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक डायरिया या किसी तरह की वबाई बीमारियों की कोई ताजा मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है।

निमोनिया के कुछ मामले सामने आए हैं। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में अब तक डायरिया के मामले तीन जगहों पर मिले। किसी दूसरी तरह की वबाई बीमारियों की इत्तेला नहीं आई है।

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