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कोई ब्रहम नहीं , हिंद, लंका ताल्लुक़ात में दुश्मनी : पेरेस्

श्रीलंका ताल्लुक़ात अब भी बेहतर हैं हालाँकि हिंदूस्तान ने अमरीका की अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के इंसानी हुक़ूक़ कमीशन में हुकूमत श्रीलंका के ख़िलाफ़ अमरीका की पेश करदा क़रारदाद की ताईद की है। वज़ीर-ए-ख़ारजा श्रीलंका जी एल पेरेस् ने

श्रीलंका ताल्लुक़ात अब भी बेहतर हैं हालाँकि हिंदूस्तान ने अमरीका की अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के इंसानी हुक़ूक़ कमीशन में हुकूमत श्रीलंका के ख़िलाफ़ अमरीका की पेश करदा क़रारदाद की ताईद की है। वज़ीर-ए-ख़ारजा श्रीलंका जी एल पेरेस् ने कहा कि बाहमी ताल्लुक़ात यकरुख़ी नहीं होते । हमें जो कुछ हो चुका है , इस का भूत सर पर सवार किए बगै़र पेशरफ़त करनी चाहीए।

कल रात पार्लीमैंट से ख़िताब करते हुए अपोज़ीशन के इस ब्यान पर कि हिंदूस्तान के साथ श्रीलंका के ताल्लुक़ात में दराड़ पैदा होगई है। उन्हों ने रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि हिंद । लंका ताल्लुक़ातमें ब्रहमी नहीं बल्कि बुग़ज़ है। बाहमी ताल्लुक़ात कभी यकरुख़ी नहीं होते, ताहम हिंदूस्तान का अमरीकी क़रारदाद की ताईद करने का फ़ैसला उन की अपनी क़ौमी पालिसी पर मबनी था।

पेरेस् ने कहा कि हिंदूस्तान के फ़ैसले से बाअज़ ममालिक की जानिब से क़रारदाद की ताईद और श्रीलंका की मुख़ालिफ़त करने की राह भी हमवार होगई । बाअज़ लोग चाहते थे कि श्रीलंका के ख़िलाफ़ वोट दें जबकि बाअज़ लोगों की ख़ाहिश थी कि श्रीलंका के ख़िलाफ़ वोट देने से गैर हाज़िर रहने बेहतर होगा।

जिनेवा क़रारदाद की ताईद में 24 और मुख़ालिफ़त में 15 वोट हासिल हुए थे चुनांचे हुकूमत श्रीलंका के ख़िलाफ़ ये क़रारदाद मंज़ूर करली गई। पेरेस् ने कहा कि हमें इस क़रारदाद में मुजव्वज़ा सिफ़ारिशात पर अमल आवरी से कोई तकलीफ़ नहीं है।

हम जंग के मसला को फ़रामोश करते हुए पार्लीमैंट की सिलेक्ट कमेटी की सिफ़ारिशात की बुनियाद पर माज़ी को भुला कर आगे बढ़ते रहेंगे।

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