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क्या इस्लाम अमेरिका से नफरत करता है?

अमेरिका में नाइन इलेवन के हमले करने वाले और उनके जैसे अन्य चरमपंथी मुस्लिम वास्तव अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से घृणा करते हैं।
लेकिन क्या डोनाल्ड ट्रम्प का यह दावा कि सभी मुसलमान अमेरिका से नफरत है सही है?

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हालांकि अभी तक इस संबंध अमेरिका में मुसलमानों से कोई सर्वेक्षण नहीं किया गया है लेकिन दुनिया के एक अरब से अधिक मुसलमानों में इस संबंध में पाए जाने वाले सामान्य भावनाओं को कई जनमत सर्वेक्षण करने वाली कंपनियों सामने लाने की कोशिश की है।

फयू रेसरैच सेंटर जो दुनिया में पाए जाने वाले रुझानों के बारे में सर्वेक्षण करता है का कहना है कि इराक युद्ध के दौरान दुनिया भर में गंभीर अमेरिका विरोधी भावनाओं पाए जाते थे।

हालांकि वर्तमान समय में कुछ देशों के अलावा अमेरिका विरोधी भावनाओं को दुनिया भर में सार्वजनिक होने का कोई सबूत नहीं है।फयू रिसर्च से सेंटर से जुड़े ‘ब्रूस स्टोक्स’ के अनुसार मुस्लिम बहुल देशों में अमेरिका से संबंधित भावनाओं में समानता नहीं है।

‘हमें मध्य पूर्व के मुस्लिम देशों जैसे मिस्र में अमेरिका विरोधी भावना अधिक देखने हैं.लेकिन मध्य पूर्व से बाहर रहने वाले मुसलमान आम तौर पर अमेरिका से संबंधित सकारात्मक सोच रखते हैं।’

फयू रिसर्च सेंटर के ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के सबसे अधिक मुसलमान आबादी वाले देश इंडोनेशिया में 62 प्रतिशत लोग अमेरिका से संबंधित सकारात्मक राय रखते हैं।

ब्रूस स्टोक्स के अनुसार सेनेगल जहां 90 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है, 80 प्रतिशत लोग अमेरिका कि बारे में अच्छी राय रखते हैं।’राष्ट्रपति ओबामा के सत्ता में आने के बाद से हम लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखा है।’ब्रूस स्टोक्स के अनुसार राष्ट्रपति ओबामा के सत्ता के पहले साल में फिलिस्तीन में भी अमेरिका से संबंधित पाया नकारात्मक भावनाओं में कमी देखी गई थी।

साल 2014 में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने भी 24 देशों में सर्वेक्षण किया था जिसमें अमेरिका के विषय में पूछा गया था कि क्या वह दुनिया में मुख्य रूप से नकारात्मक या सकारात्मक भूमिका निभा रहा है।

इस सवाल के जवाब में 61 फीसदी पाकिस्तानियों का कहना था कि अमेरिका की भूमिका नकारात्मक है लेकिन चीन और जर्मनी के बारे में भी 59 प्रतिशत और 57 प्रतिशत नकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई थी।

जबकि मुस्लिम बहुल देश तुर्की में 36 फीसदी लोगों का मानना ​​था कि अमेरिका की भूमिका नकारात्मक है और उतनी ही प्रतिशत लोगों का कहना था कि अमेरिका दुनिया में सकारात्मक भूमिका अदा कर रहा है।

‘हो सपैक्स फॉर इस्लाम’ के सह लेखक डालिया मोगाौत के अनुसार मुस्लिम बहुल देशों में अमेरिका विरोधी भावनाओं का संबंध धर्म से नहीं है।
‘इस संबंध धर्म नहीं अमेरिका की नीतियों से है।’

फयू अनुसंधान केंद्र के आँकड़े के अनुसार वर्ष 2011 में पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावना में वृद्धि हुई थी इस कारण अमेरिकी सेना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ काररवायय थी। पाकिस्तानी जनता के विचार में यह अपने देश की संप्रभुता का उल्लंघन था।

डालिया मोगाौत के अनुसार हालांकि कनाडा में भी अमेरिका की तरह ही संस्कृति और धर्म है लेकिन विदेश नीति अमेरिका से अलग है इसलिए कनाडा से संबंधित मुसलमान आम तौर पर सकारात्मक राय रखते हैं।

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