Tuesday , September 19 2017
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क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो के नाम पर स्मारकों का नाम रखना होगा प्रतिबंधित

फिदेल कास्त्रो

सैंटियागो: क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने कहा है कि उनके भाई फिदेल कास्त्रो की मौत के बाद सरकार उनके नाम पर सड़कों और सार्वजनिक स्मारकों का नाम नहीं रखेगी, क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति अपने लिए ऐसी परंपरा नहीं चाहते थे।

उन्होंने ये बाते पूर्वी शहर सैंटियागो में फिदेल को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए कही। राउल कास्त्रो ने कहा कि दिवंगत नेता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए नेशनल असेंबली अगले सत्र में एक कानून पारित करेगी।
उन्होंने बताया कि फिदेल कास्त्रो चाहते थें कि मृत्यु के पश्चात उनके नाम या उनकी पसंद का उपयोग किसी भी संस्थान, सड़क, पार्क या दूसरे किसी सार्वजनिक जगहों के नाम न रखा जाए। साथ ही वे ये भी चाहते थे कि उनकी आवक्ष प्रतिमाएं अथवा मूर्तियां या उन्हें श्रद्धांजलि देने के नाम पर अन्य स्मारक भी न बनाए जाएं।
गौरतलब है कि क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो का निधन 25 नवंबर को 90 साल की उम्र में हो गया था। कास्त्रो जब राष्ट्रपति थे, तब भी उन्होंने किसी सार्वजनिक स्थान या इमारत का नाम अपने नाम पर रखना पसंद नहीं किया। हालांकि उनके क्रांतिकारी साथी और विद्रोही कैमिलो सीनफ्यूगस और अर्नेस्टो चेग्वेरा की तस्वीरें पूरे क्यूबा में नजर आती रही।

कास्त्रों की अस्थियां शनिवार दोपहर को सैंटियागो पहुंची थीं। इस चार दिवसीय विदाई यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस, निकारागुआ के नेता डेनियल ओर्टेगा, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, ब्राजील के दो पूर्व राष्ट्रपति डिल्मा राउसेफ और लूला दा सिल्वा आए थे। कास्त्रो की अस्थियां रविवार सुबह सैन्टियागो के सैन्टा इफिगेनिया कब्रिस्तान ले जाई गई, जिसके बाद शोक की आधिकारिक अवधि समाप्त हो गई।

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