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ख़ुद सपुर्द होने वाले माविस्टों और उन के बच्चों के लिए मुफ़्त तालीम

हुकूमत झारखंड ने नौजवान नसल को माविस्टों के नज़रियात या इन में शमूलीयत इख़तियार करने की रोक थाम के लिए एक बेहतरीन फ़ैसला किया है जिस के तहत दसतबरदारी इख़तियार करने वाले माविस्टों को ख़ानगी ( निजी) तालीमी इदारों ( शिक्षा संस्था) में मुफ़

हुकूमत झारखंड ने नौजवान नसल को माविस्टों के नज़रियात या इन में शमूलीयत इख़तियार करने की रोक थाम के लिए एक बेहतरीन फ़ैसला किया है जिस के तहत दसतबरदारी इख़तियार करने वाले माविस्टों को ख़ानगी ( निजी) तालीमी इदारों ( शिक्षा संस्था) में मुफ़्त तालीम का एहतिमाम किया जाएगा ।

यही नहीं बल्कि दस्तबरदार होने वाले माविस्टों के बच्चों को भी मुफ़्त तालीम फ़राहम की जाएगी । हालाँकि अब तक उन्हें सिर्फ सरकारी स्कूलों में तालीम फ़राहम की जानी थी लेकिन अब ख़ानगी ( निजी) इदारों ( संस्थाओं) की सहूलयात भी फ़राहम की जा रही है ।

मोतमिद काबीना एन एन पांडे ने कहा कि ये फ़ैसला वज़ीर-ए-आला अर्जुन मुंडा की क़ियादत में मुनाक़िद ( आयोजित) किए गए एक इजलास में किया गया । सरेंडर पालिसी के तहत तालीम फ़राहम करने का सिलसिला 24साल की उम्र या ग्रेजूएशन की तकमील तक होगा । ( मर्दों केलिए ) ख़वातीन के लिए भी 24 साल की उम्र या ग्रेजूएशन की तकमील या उन की शादी होने तक तालीम की सरबराही का सिलसिला जारी रहेगा ।

मिस्टर पांडे के मुताबिक़ सरेंडर पालिसी के तहत सिर्फ उन ही ख़ानगी तालीमी इदारों को ज़िम्मेदारी सौंपी जाएगी ।

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