Monday , October 23 2017
Home / Uttar Pradesh / खेलगांव मामला : तमाम पार्टियों के उम्मीदवारों ने उठाये सवाल, जांच की मुताल्बात की

खेलगांव मामला : तमाम पार्टियों के उम्मीदवारों ने उठाये सवाल, जांच की मुताल्बात की

लोकसभा इंतिख़ाब के दिन खेलगांव के बाहर इवीएम मिलने की वाकिया को लेकर उठे कई तरह के सवालों का जवाब आज तक कोई नहीं दे सका है। पहला सवाल : इवीएम पंडरा बाजार जाने के बजाय खेल गांव के गेट पर कैसे पहुंच गयी। यह सही है कि बीडीओ दीपमाला की गाड

लोकसभा इंतिख़ाब के दिन खेलगांव के बाहर इवीएम मिलने की वाकिया को लेकर उठे कई तरह के सवालों का जवाब आज तक कोई नहीं दे सका है। पहला सवाल : इवीएम पंडरा बाजार जाने के बजाय खेल गांव के गेट पर कैसे पहुंच गयी। यह सही है कि बीडीओ दीपमाला की गाड़ी में मिले नौ इवीएम में से तीन इवीएम वह थी, जो मुखतलिफ़ बूथों पर बदली गयी थी और छह इवीएम पूरी तरह सील थी। उसका इस्तेमाल नहीं हुआ था। लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है कि जब इवीएम को पंडरा में जमा करना था, तो वह खेलगांव के गेट के बाहर कैसे पहुंच गयी। दूसरा सवाल : इवीएम को फोर्स की सेक्युर्टी में कहीं भी लाया या ले जाया जाता है। फिर जब बीडीओ की गाड़ी में नौ इवीएम थी, तो इसकी सेक्युर्टी में जवान तैनात क्यों नहीं किये गये थे। खेलगांव गेट के बाहर बीडीओ ने बताया था कि वह जोनल मजिस्ट्रेट है, इसलिए डीसी ने उन्हें जांच करने के लिए खेलगांव भेजा है। जोनल मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस के जवान क्यों नहीं थे।

17 अप्रैल को इंतिख़ाब के बाद इवीएम को खेलगांव ले जाने को लेकर सियासी पार्टियों ने जिला इंतेजामिया से हालात वाजेह करने की मुताल्बा की है। पार्टियों का कहना है कि रियासत एलेक्शन कमीशन और जिला इंतेजामिया की तरफ से सही जवाब नहीं दिया जा रहा है।

पुलिस बल की तैनाती सही ढंग से नहीं की गयी थी

भाजपा उम्मीदवार रामटहल चौधरी ने कहा कि इंतिख़ाब में जिला इंतेजामिया की तरफ से पुलिस बल की तैनाती सही ढंग से नहीं की गयी थी। कई बूथ पर पुलिस की तादाद नहीं के बराबर थी। इंतिख़ाब को इवीएम को सख्त सेक्यूरिटी में स्ट्रांग रूम पहुंचाने के लिए जिला इंतेजामिया को फोर्स तैनात करना चाहिए था। इंतिख़ाब के बाद आखिर इवीएम खेलगांव क्यों ले जायी गयी। इसे सीधे स्ट्रांग रूप पंडरा ले जाया जाना चाहिए था। इवीएम का इस्तेमाल हुआ, या नहीं यह बाद की बात है।

इंतेजामिया आवाम के सामने सच्चई को रखे

आजसू के तर्जुमान देवशरण भगत ने कहा कि इंतिख़ाब के बाद इवीएम को खेलगांव ले जाने के मामले की जांच होनी चाहिए। आखिर किसके हुक्म से इवीएम को स्ट्रांग रूम के बजाय खेलगांव ले जाया जा रहा था। इसकी जांच होनी चाहिए, ताकि आवाम को सच का पता चले। उन्होंने कहा कि इंतिख़ाब के बाद इवीएम को स्ट्रांग रूम ले जाने के लिए सेक्यूरिटी फोर्स तैनात नहीं की गयी थी। इस मामले की जांच की जानी चाहिए।

झाविमो उम्मीदवार अमिताभ चौधरी ने कहा कि रांची लोकसभा हल्के में हुए इंतिख़ाब के दौरान इलाकों में फोर्स की तैनाती नहीं की गयी थी। हिंदपीढ़ी, डीएवी बरियातू, धुर्वा और डोरंडा में कई वारदात घटी, क्योंकि वहां फोर्स की तैनाती नहीं की गयी थी। सिल्ली से आठ गाड़ियों में इवीएम लायी जा रही थी, जिसे खेलगांव के अंदर दाखिल कराया गया। नियम के तहत इवीएम को सीधे स्ट्रांग रूम ले जाया जाना चाहिए था। आखिर खेलगांव ले जाने की क्या मजबूरी थी।

मुजरिम अफसरों के खिलाफ हो कार्रवाई

कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज शैलेश सिन्हा ने कहा कि इवीएम को स्ट्रांग रूम के बजाये खेल गांव ले जाने के मामले की जांच होनी चाहिए। अगर इसमें कही कोई गड़बड़ी पायी जाती है, तो मुजरिम अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। यह मामला पूरी तरह से जिला इंतेजामिया और रियासत एलेक्शन कमीशन का है। इस बार कहीं से कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। जहां तक इवीएम का मामला है। इसमें कमीशन और जिला इंतेजामिया को हालात वाजेह करनी चाहिए।

बीडीओ के पास नौ इवीएम का होना खदशा पैदा करता है

तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार बंधु तिर्की ने सवाल उठाया है कि बीडीओ के पास नौ इवीएम क्यों थी? आम तौर पर हर कलस्टर में इवीएम बदलने के लिए रिजर्व दिया जाता है। ऐसी सूरत में बीडीओ के पास नौ इवीएम का होना अपने आप में खदशा पैदा करता है। दूसरी बात यह है कि बिना सेक्युर्टी बीडीओ कैसे इवीएम लेकर जा रही थीं? इसके अलावा बीडीओ का इवीएम लेकर स्ट्रांग रूम की जगह रूट बदल कर खेलगांव जाना सही नहीं लगता है। इसकी जांच होनी चाहिए।

TOPPOPULARRECENT