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गिरिडीह घटना का सच बुधाली चमार ने प्रशासन के सामने बताया

गिरिडीह : 27 जून 17 को झारखण्ड के जिला‌ गिरिडीह थाना देवरी अंतर्गत बरवावाद (बेरिया) में गौ कशी के नाम‌ पर उन्मादी भीङ ने उस्मान अंसारी को पीट-पीट कर जान से मारने की कोशिश की। उनके मकान व दुकान को आग के हवाले कर दिया गया। उस्मान का इलाज धनबाद में चल रहा है।
02 जुलाई 17 को UMF,APCR,RTF,VGVS का एक दल जिसमें चौधरी ओबैदुल्लाह, जियाउल,एडवोकेट रिजाउल्लाह,धीरज,जमुवा के साथी विश्वनाथ, रोहित,आलम व गिरिडीह के साथी एडवोकेट साजिद महमुद शामिल थे ने घटना स्थल का दौरा किया। गाँव के लोगों से जो जानकारी मिली वह यह की‌ उस्मान अंसारी का छोटा बेटा घर पर किराना की दुकान चलाता है व एक बेटा टेम्पो चलाता है एक बेटा बाहर मजदुरी करता है व उस्मान और उसकी पत्नी दुध बेचने‌ का काम करते हैं घर में दस गाय है जिससे दुध का ब्वसाय चल रहा है। इनकी एक गाय जो बिमार थी जिसका इलाज भी कराया गया था 25 जून को मर गयी थी उसे फिकवाने के लिये बुधाली चमार से संपर्क किया गया लेकिन वह फेकने के एवज में एक हजार रुपये मांग रहा था इसलिये ये लोग उसे नहीं देकर स्वंय फेक दिये।बुधाली चमार ने यह बात प्रशासन के सामने स्वीकार किया है।
हरेक मंगलवार को इसके घर के सामने 7-8 गाँव का एक बङा हाट(बाजार) लगता है जिसमें सैकङों लोग बाजार करने आते हैं उसी दिन का फायदा उठाते हुए हाट के दिन 27 जून को उन्मादियों ने यह अफवाह फैला दी कि उस्मान मियाँ ईद के मौके पर गाय काटा है।( किसी ने मरी गाय का सर पैर व थन काट ‌दिया था) देखते ही देखते उन्मादी भीङ ने उस्मान के घर पर हमला कर दिया और उस्मान की जान लेने की कोशिश की। बेटा बहु को घर के अंदर बंद कर आग लगा दिया गया था लेकिन एक चौकिदार ने अपनी जान की परवाह किए दरवाजा तोङ कर उसे बचाया जबकि उन्मादियों ने उसके भी सर फोङ डाले। उस्मान के घर से सौ मीटर की दुरी‌ पर एक हिन्दु परिवार की‌ महिला ने बताई के घटना के दिन रात में ही कुछ हल्ला हो रहा था। महिला बतायी कि कुछ लोग उसके बेटे को भी मार देते लेकिन हमलोगों ने उसे भगा दिया जो अब गिरिडिह में है। इससे साफ पता चलता है कि हिन्दु मुस्लिम के नाम पर लोग लङना नहीं चाहते कुछ लोग लङाने का नया नया प्लान बनाते रहते हैं ऐसे लोगों को चिन्हित करने की जरुरत है चाहे वह किसी भी धर्म का मानने वाला हो।
गाँव के लोगों ने बताया कि‌ जिस किसी की गाय मरती है उसे उसी स्थान पर फेक दिया जाता है जहाँ उस्मान ने फेंका था। जानवर के स्व को गाङने की प्रथा नहीं है। कुछ लोगों ने कहा कि अब तो गाय मरने पर भी डर लगता है। प्रशासन को इसकी ब्वस्था करनी चाहिये।
पुलिस‌ इंस्पेक्टर मनोज कुमार व ए एस आई सुनिल कुमार से बात हुयी।उन्होंने बताया कि 40-45 लोगों पर by named FIR दर्ज है बाकी अग्यात लोगों पर जिसमें 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बाकी के गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
एक बात तो तय है कि पुलिस प्रशासन को धत्ता बताकर उन्मादी तत्व झारखण्ड में जिस तरह खूनी खेल, खेल रहे हैं इससे सरकार पर सवालिया निशान उठना तय है। नव- युवकों के दिलों में नफरत भर कर जिस तरह घटना को अंजाम दिया जा रहा है। इससे इनके भी घर तबाह होंगे।

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