Thursday , August 24 2017
Home / Bihar News / गीता से डीएनए नहीं मिला दावेदार वालिद जनार्दन का !

गीता से डीएनए नहीं मिला दावेदार वालिद जनार्दन का !

सहरसा : 11 साल पहले भटक कर पाकिस्तान गयी और भारत सरकार की कोशिश से भारत लौटी गीता का डीएनए उसके वालिद का होने का दावा करनेवाले जिले के कबीराधाप के रहने वाले जनार्दन महतो के डीएनए से नहीं मिला। हालांकि, भारत वापसी के दिन 26 अक्तूबर को ही गीता ने जनार्दन महतो से मिलने के बाद उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया था। उसके बावजूद सरकार ने दावेदार जनार्दन को दिल्ली वाकेय बिहार रिहाइशगाह में रोके रखा। उसका डीएनए टेस्ट कराया गया।

हालांकि, इस सिलसिले में उसे कोई सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है, लेकिन वजीरे खारज़ा ने उसे जुबानी तौर से यह बता दिया है। दिल्ली में रह रहे जनार्दन के रिश्तेदार राजकुमार के मुताबिक तीन दिन पहले वजीरे खरजा के अफसरों ने जनार्दन महतो से कहा कि रिपोर्ट तो आ गयी है, लेकिन वज़ीर का हुक्म नहीं हुआ है। हुक्म करेंगी, तो दे दिया जायेगा। उसके बाद वह अपनी बीवी शांति देवी के साथ अपने बड़े बेटे विनोद के पास पैसेंजर ट्रेन से लुधियाना चला गया। इधर, सहरसा से गये जनार्दन के छोटे बेटे बलराम महतो, सुरेश कुमार व कत्थेश्वर महतो भी जुमेरात को ट्रेन पकड़ घर लौट आये हैं।

बता दें कि जनार्दन ने वजीरे खारज़ा को अपना फोटो जमा कराया। वहां से पाकिस्तान भेजे गये फोटो को ही गीता ने अपने खानदान के तौर में शिनाख्त की थी। इसके बाद वुजरा की हिदायत पर जनार्दन महतो को डीएम की तरफ से तकर्रुर मजिस्ट्रेट व पुलिस ओहदेदारों के साथ खुसुसि गाड़ी से पटना और फिर तैयारे से दिल्ली ले जाया गया था। 26 अक्तूबर को दिल्ली वाकेय इंटेरनेशनल हवाई अड्डे पर गीता के इस्तकबाल में उसके अहले खाना के लोग भी गये, जहां अफसरों, सेक्युर्टी फोरसेज़ व मीडिया से घिरे रहने की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद जवाहर लाल नेहरू भवन में जनार्दन की मुलाकात गीता से करायी गयी, जहां गीता ने जनार्दन को पहचानने से इनकार कर दिया था।

TOPPOPULARRECENT