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गुजरात को शाकाहारी राज्य बनाना चाहते हैं CM विजय रुपानी

Ahmedabad: Vijay Rupani takes charge as Gujarat Chief Minister at Swarnim Sankul on Monday. PTI Photo(PTI8_8_2016_000175A)

गुजरात में गौहत्या के नए क़ानून पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम विजय रुपाणी ने कहा कि मैं किसी तरह के खानपान के ख़िलाफ़ नहीं हूं लेकिन गुजरात को शाकाहारी राज्य बनाना चाहता हूं। हम जर्सी गायों की जगह गिर और कनकरेजी गायें भी चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि गुजरात एक ऐसा राज्य है जो महात्मा गांधी की विचारधारा को मानता है। उनके बताए गए मार्ग सत्य और अहिंसा पर चलना चाहता है। ये गांधी, पटेल और पीएम मोदी का गुजरात है।

गुजरात विधानसभा में गौवंश की हत्या को लेकर मौजूदा कानून में सख्त बदलाव किया गया है।

गौरतलब है कि आठ महीने पहले ऊना में दलित समुदाय के सात लोगों को गोहत्या के आरोप में पीटा गया था। गुजरात में अब गाय की हत्या करने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाएगी। बताया जा रहा है कि नए कानून के तहत गौ हत्या के आरोप साबित होने पर एक लाख रूपये तक का जुर्माना और उम्रकैद की सजा तक का प्रावधान होगा।

सदन में विधेयक पारित होने से पहले कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया था जिन्हें निलंबित कर दिया गया था और उसके बाद इसमें संशोधन किया गया। जब एक महीने पहले संशोधन विधेयक पेश किया गया था तो उसमे अधिकतम दस साल कारावास की सजा का प्रावधान था।

हालांकि शुक्रवार को भाजपा ने इसको आजीवन कारावास में बदल दिया। एक अन्य प्रमुख विधेयक में यह प्रावधान शामिल किया है कि गायों, बीफ या बीफ़ उत्पादों को अवैध रूप से ले जाने के दौरान पकड़े गए वाहनों को राज्य सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा।

इस अपराध के लिए अधिकतम जुर्माना 50,000 रुपये था जिसको बढ़ाकर 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक कर दिया गया है। इसके अलावा गाय, बीफ या बीफ़ उत्पादों के अवैध परिवहन के लिए सजा की अवधि को तीन साल से बढाकर सात साल कर दिया गया है।

विधेयक पर चर्चा के दौरान गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने कहा कि यह कोई विधेयक नहीं है, लेकिन करोड़ों भारतीयों की भावना है।

इस कानून के साथ ही सरकार गुजरात को गाय-वध मुक्त कर देगी। साल 2011 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब राज्य सरकार ने इस अधिनियम में संशोधन करके गायों के वध, इनके परिवहन और गाय के मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

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