Friday , August 18 2017
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गुजरात में गर्भवती दलित महिला को इसलिए पीटा गया क्योंकि उसके परिवार ने गाय का शव उठाने से इंकार किया

ऊना कांड के बाद गुजरात में दलितों पर जुल्म का एक नया मामला सामने आया है। गुजरात के बनासकांठा जिले के करजा गांव में एक गर्भवती दलित महिला सहित उसके परिजन की बुरी तरह इसलिए पिटाई की गई, क्योंकि उन्होंने गाय के शव को उठाने से इनकार कर दिया। हाल ही में गुजरात के ऊना में गाय को लेकर दलितों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। दलितों पर मरी हुई गाय की चमड़ी उतारने का आरोप लगा कर सावर्जनिक तौर पर पीटा गया था। उना में करीब 10 हजार दलितों ने मैला ढोने और जानवरों को दफनाने जैसे ‘गंदे’ काम न करने की शपथ ली थी। जिसके प्रतिक्रियास्वरुप सर्वर्ण समाज में दलितों के प्रति रोष है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस सिलसिले में आईपीसी और एससी-एसटी (उत्पीड़न रोकथाम) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। निलेश रनवासिया की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मुताबिक, दरबार समुदाय के करीब 10 लोगों ने शुक्रवार रात उसकी गर्भवती पत्नी सहित उसके पूरे परिवार की उस वक्त पिटाई की, जब उन्होंने गाय के शव को फेकने से इंकार कर दिया।
गर्भवती महिला को पालनपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मामूली तौर पर जख्मी हुए निलेश एवं अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

भाषा की खबर के अनुसार,बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक नीरज बड़गूजर ने कहा कि पुलिस तुरंत गांव में पहुंची और कुछ ही घंटों के भीतर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान बतावर सिंह चौहान (26), मकनुसिंह चौहान (21), योगीसिंह चौहान (25), बावरसिंह चौहान (45), दिलवीर सिंह चौहान (23) और नरेंद्र सिंह चौहान (23) के तौर पर की गई है। बड़गूजर ने कहा कि गांव में तनाव बढ़ने के कारण पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और गश्त बढ़ा दी है।

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