Saturday , September 23 2017
Home / GUJRAT / गुजरात में दलितों पर बढ़ रहे हैं अत्याचार, परेशान लोग कर रहे आत्महत्या

गुजरात में दलितों पर बढ़ रहे हैं अत्याचार, परेशान लोग कर रहे आत्महत्या

Image Courtesy: BBC

गुजरात के ऊना में जानवरों की खाल उतार रहे चार दलित लड़कों की पिटाई की घटना पर विरोध जताते हुए कुछ दलित युवकों ने आत्महत्या करने की कोशिश की जिसके कारण ये सभी युवक राजकोट अस्पताल में भर्ती हैं। दलितों पर लगातार बढ़ रहे आत्याचारों से परेशान होकर इन्होने उठाया मौत के दामन में कदम ये सोच कर कि इनके ऐसा करने से शायद इस समाज में दलितों के लिए प्रशासन कोई ठोस लेने के लिए सोचे।

1.दिनेशभाई राजाभाई वेगड़ा:

dineshbhai
दिनेश अस्पताल में भर्ती हैं वे बात करने की हालत में नहीं हैं और पिछले दो दिनों से बिगड़ती जा रही है। इसलिए उनके रिश्तेदार मयूर ने हमें बताया कि 23 साल के दिनेशभाई जूनागढ़ के बाटवा गांव से है और मज़दूरी करते हैं।
मयूर ने बताया कि ऊना में दलितों के साथ जो कुछ हुआ उससे दिनेशभाई बेहद नाराज़ थे।  उनका कहना है कि दलितों पर अत्याचार होते हैं लेकिन इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं होती। इस पूरी घटना ने मानसिक तौर पर आहत हुए हैं। उन्हें पता भी नहीं कि वो क्या बोल रहे हैं।   कभी हंसना शुरू कर देते हैं तो कभी रोना। इन्हें संभालना हमारे लिए मुश्किल होता जा रहा है।   कभी कभी ये इतनी ताक़त लगाते हैं कि उन्हें काबू में रखना मुश्किल हो जाता है। इनकी हालत किसी मानसिक रोगी की तरह हो गई है लेकिन डॉक्टर कह रहे हैं कि अब वह ठीक हैं।

2.जगदीश:

jagdeesh
मैं दिनभर मजदूरी करके दिन का 300-400 रुपए कमा लेता हूं। दलितों के साथ हुई ये घटना को देखकर मैंने एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी।  मैंने ऐसा कदम इस समाज की खातिर उठाया है क्यूंकि अब हमें इंसाफ चाहिए। हमें कभी इंसाफ नही मिलता है और मुझे लगता है कि ऐसा करने से चीज़ें बदलेंगी। मेरी शादी हो गई है और बच्चे भी हैं।  जब से मैंने ऊना की घटना का वीडियो देखा है, तभी से मेरे मन में ये ख्याल चल रहा था कि मेरे भाइयों को मारा गया है इसलिए मैंने एसिड पिया। ऐसा करते वक़्त दिमाग में यही आया कि हम कुछ करके दिखा देंगे। हम समाज के साथ रहना चाहते हैं।  हमें कैसे न्याय मिलेगा ये पता नहीं, लेकिन न्याय ज़रूर मिलेगा।
3.किशोरभाई:

kishorebhai
दलितों को न्याय नहीं मिलता।  ऊना वाली घटना का वीडियो मैंने इंटरनेट पर देखा तो मुझे बहुत गुस्सा आया और लगा कि समाज के लिए कुछ कर दूं। जिसके चलते मैंने घास मारने वाली दवा खा ली। मुझे लगा कि ऐसा करने से एक मैसेज जाएगा तो उससे कोई रास्ता जरूर निकलेगा।  मेरे परिवार में तीन भाई, दो बेटियां और एक बेटा है।  मैंने टीवी पर देखा कि मायावती आ रही हैं।  लगता है कि दलित समाज के लिए कुछ होगा।
4.महेश:
mahesh
मैंने मोबाइल पर ऊना वाली घटना का वीडियो देखा तो मुझे बहुत तक़लीफ़ हुई और लगा कि ऐसी ज़िंदगी से क्या फ़ायदा।  गुजरात में दलितों को लोग बहुत परेशान करते हैं।

Images Courtesy: BBC

TOPPOPULARRECENT