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गुस्साई कोंकणा सेन ने सेंसर बोर्ड को सुनाई खरी-खोटी

मुंबई : निर्देशक-निर्माता प्रकाश झा के प्रॉडक्शन हाउस के अंतर्गत बनी फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ को सेंसर बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट न दिये जाने पर पूरे फिल्म जगत से बोर्ड के खिलाफ विरोध की आवाजें उठ रही हैं। रविवार की शाम शबाना आजमी और मनीष मल्होत्रा द्वारा आयोजित मिजवां फैशन शो में ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ में मुख्य भूमिका निभा रही अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा पहुंची। इस मौके पर जैसे ही उनकी फिल्म से जुड़े विवाद पर सवाल पूछा गया वैसे ही कोंकणा ने CBFC के खिलाफ खूब जहर उगला और बोर्ड पर कोंकणा का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्से में कोंकणा ने CBFC को खूब खरी-खोटी सुनाई।

कोंकणा सेन शर्मा ने कहा, ‘इस मामले में मैं यह कहना चाहूंगी कि महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा ही उनकी कहानी कहने की बेहद जरुरत है। मेरे हिसाब से हमारी फिल्म की निर्देशिका अलंकृता श्रीवास्तव ने फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ में बेहतरीन निर्देशन किया है। सच बताऊं तो अब मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गई हूं कि इस तरह की फिल्मों पर प्रतिबंध लग जाता है और दूसरी फिल्मों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगता। मेरे हिसाब से तो किसी भी तरह की फिल्म में कोई बैन नहीं लगना चाहिए।’

गुस्से में तमतमाई कोंकणा आगे कहती हैं, ‘मुझे लगता है CBFC को सिर्फ सर्टिफिकेट देने का काम करना चाहिए। मुझे लगता है कि हमें सभी प्रकार की फिल्मों को देखना चाहिए और उन फिल्मों के विषय के बारे में खुलकर बात करना चाहिए।’

कोंकणा ने कहा, ‘पूरी फिल्म इंडस्ट्री CBFC के निर्णय के खिलाफ है, ऐसे में मुझे लगता कि CBFC बिना किसी कारण ही फिल्मों के सेंसर में रोक-टोक का काम करता है। वैसे ही इस प्रकार की फिल्मों को बनाने के लिए पैसे बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। हमारे लिए यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की फिल्मों को दुनिया भर में खूब सम्मान मिलता है लेकिन हमारे देश में उसी फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने में मुश्किल होती है। मुझे लगता है कि देश की जनता को किस तरह का सिनेमा देखना है यह अधिकार जनता के पास ही होना चाहिए।’

इस तरह की फिल्मों को जनता तक कैसे पहुंचाया जाए यह पूछने पर गुस्साई कोंकणा कहती हैं, ‘देखिए मुझे माफ करिए, इस बारे में मेरे पास कोई समाधान नहीं है। मुझे लगता है कि निर्देशक, निर्माता श्याम बेनेगल जी ने जो टीम बनाई है वह इन्ही सब मामलों में काम कर रही है। अब समय आ गया है पुराने बने गाइड-लाइन का अवलोकन और पुनः परीक्षण किया जाए और उन्ही लोगों को इस पद पर नियुक्त किया जाए जो इस काम को अच्छी तरह कर सकें।’

डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव की इस फिल्म को बोर्ड ने यह कहकर सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया है कि इसमें ऑडियो पॉर्नोग्रफी, सेक्शुअल सीन और गाली-गलौज वाले शब्द हैं। फिल्म में रत्ना पाठक शाह, कोंकणा सेन शर्मा, विक्रांत मैसी, अहाना कुमरा, प्लाबिता बोरठाकुर और शशांक अरोड़ा जैसे कलाकारों ने काम किया है। फिलहाल फिल्म की ट्राइब्यूनल में समीक्षा की जा रही है।

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