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गूंजती रहीं चीखें लेकिन बचाने के लिए कोई नही आया

रोहतक‌ जिले के गांव गरनावठी में बुध के दिन हुई ऑनर किलिंग के मामले में गाँव वाले इस कदर डर गए थे कि डेढ़ घंटे तक गांव में आशिक जोड़े की चीखें गूंजती रहीं, लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया।

रोहतक‌ जिले के गांव गरनावठी में बुध के दिन हुई ऑनर किलिंग के मामले में गाँव वाले इस कदर डर गए थे कि डेढ़ घंटे तक गांव में आशिक जोड़े की चीखें गूंजती रहीं, लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया।

जब गांव में लड़की निधि के घर वाले धर्मेंद्र को अगवा करके लाए थे तब भी किसी ने पुलिस को फोन नहीं किया। अगर कोई हिम्मत करके पुलिस को फोन कर देता तो उनकी जान बच जाती।

पूछताछ में कातिल लड़की के वालिद नरेंद्र और चाचा रविंद्र ने बताया कि उन्होंने पहले निधि का कत्ल किया क्योंकि वह धर्मेंद्र को बचाने के लिए बहुत शोर मचा रही थी।

बहादुरगढ़ से अशिक जोड़े का अगवा कर लड़की के घरवाले उसे गरनावठी लेकर आए और घर के एक कमरे में उन्हें अलग-अलग बांधा गया। इसके बाद उन्हें पहले पीट-पीटकर अधमरा कर दिया ।

मुल्ज़िम ( लड़की के वालिद) ने बताया कि जब वे धर्मेंद्र के साथ मारपीट कर रहे थे तो निधि बीच-बीच में उसे छोड़ने को कह रही थी, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया, फिर उन्होंने निधि की गर्दन धड़ से अलग कर दी।

मुल्ज़िमो ने बताया कि निधी ( लड़की) बार-बार यह कह रही थी कि भले ही उसे जान से मार डालो, लेकिन धर्मेंद्र को छोड़ दो। अपने आशिक की जान बचाने के लिए निधि अपने घर वालों के सामने खूब गिड़गिड़ाई थी, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा।

लड़की के कत्ल के बाद लड़के का सिर भी धड़ से अलग कर दिया। लड़की की लाश को जलाने की कोशिश की गयी लेकिन पुलिस ने उसे आधे जले हुए हालत में बरामद किया। मामले की जांच कर रहे कलानौर थाना इंचार्ज ने बताया कि पहले लड़की का कत्ल किया गया , बाद में लड़के कत्ल कर उसकी लाश उसके घर के बाहर फेंक दिया था।

आशिक जोड़े की जान बच जाती अगर वे पैसे मांगने के लिए अपने दोस्त को फोन नहीं करते। मंगल की रात निधि और धर्मेंद्र गांव से फरार हो गए थे। रात से ही लड़की के घरवाले उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

धर्मेंद्र ने बुध की सुबह अपने दोस्त से दिल्ली से बाहर जाने के लिए पैसे मांगे। उस वक्त उसका दोस्त निधि के घर पर था। लड़्की के घर वाले ने ही उसे और धर्मेंद्र के भाई को वहां पर शक की बुनियाद पर बैठा रखा था।

लड़की के वालिद नरेंद्र उर्फ बिल्लू को जैसे ही भनक लगी कि फोन धर्मेंद्र का है तो उन्होंने दोस्त को झांसे में ले लिया। पुलिस पूछताछ में नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने दोस्त को कहा था कि वे निधि और धर्मेंद्र को माफ कर देंगे।

इसके बाद उन्होंने धर्मेंद्र के भाई को भी घर बुलवा लिया। उन्होंने दोस्त से फोन करवाया कि बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर आ जाओ।

इसके बाद वे धर्मेंद्र के भाई और दोस्त को साथ लेकर बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो गए। जब निधि और धर्मेंद्र बहादुरगढ़ पहुंचे तो लड़की के घरवालो ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया और उसके भाई और दोस्त को वहीं छोड़ दिया।

एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि धर्मेंद्र ने दोस्त के पास फोन आने के बाद लड़की के घरवालो को उनकी लोकेशन का पता चला और बहादुरगढ़ से आशिक जोड़े को उठाया गया।

निधि और धर्मेंद्र की लाशो के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। सिविल अस्पताल के डॉ. अजीत की निगरानी में दोनों लाशों का पोस्टमार्टम किया गया।

धर्मेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि तेजधार हथियार से पहले वार किए गए हैं। निधि की लाश जल जाने की वजह से उसे मधुबन भेजा गया है।

लाश लेने के लिए लड़के और लड़की के घर वाले राजी नहीं हुए तो पुलिस ने गांव के सरपंच से बातचीत कर दोनों के घर वालो को मनाया। सेक्युरिटी के बीच दोनों का अलग-अलग सुपुर्द ए खाक किया गया।

धर्मेंद्र के भाई पवन और चचा सतबीर ने चुप्पी तोड़ बताया कि मंसूबाबंद तरीके से धर्मेंद्र का कत्ल किया गया है | पवन ने पुलिस को बताया कि वाकिया के वक्त वे खेत में गए हुए थे। उसके भाई धर्मेंद्र और निधि के बीच तीन साल से लव अफेयर था, जिसको लेकर लड़की के घर वाले नाराज थे।

उन्होंने साजिश बनाकर उसके भाई का कत्ल किये है। इसी तरह पुलिस ने मक्तूला निधि के घर वाले जोकि रिश्ते में उसके दादा (आनंद और रामेश्वर) हैं के भी बयान दर्ज किए हैं ।

गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गाँव वाले इस वाकिया को लेकर इस कदर खौफ में हैं कि वे सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं। लड़के और लड़की के घर के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।

छोटे से लेकर बड़े तक सब इस वारदात की चर्चा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस को कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। लड़के और लड़की के घर के बाहर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था और गली भी सुनसान पड़ी थी।

ख़्वातीन तो पूरी तरह खामोश हैं। वहीं, बुजुर्ग इस कत्ल पर अफसोस करने की बजाय यही कह रहे हैं कि सामाजी ताना-बाना बिखरने लगा है।

—— बशुक्रिया: अमर उजाला

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