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गेरमनी में आर्टस का सब से बड़ा मेल

जर्मनी में आर्टस का सब से बड़ा मेला डोकोमीनटा के उनवान से दुनिया का सब से बड़ा आर्ट मेला वसती जर्मनी के एक तारीख़ी शहर कासल में शुरू होने वाला है। हफ़्ता 9 जून से ये मेला अवाम के लिए खुल जाएगा। डोकोमीनटा का एहतिमाम बुनियादी तौर पर जर्म

जर्मनी में आर्टस का सब से बड़ा मेला डोकोमीनटा के उनवान से दुनिया का सब से बड़ा आर्ट मेला वसती जर्मनी के एक तारीख़ी शहर कासल में शुरू होने वाला है। हफ़्ता 9 जून से ये मेला अवाम के लिए खुल जाएगा। डोकोमीनटा का एहतिमाम बुनियादी तौर पर जर्मनी में किया जा रहा है ताहम इस बार इस मेले के मुख़्तलिफ़ प्रोग्रामों का इनइक़ाद मिस्र, अफ़्ग़ानिस्तान और कैनेडा में भी किया जा रहा है।

डोकोमीनटा का एहतिमाम हर पाँच साल बाद किया जाता है। इस बार ये तेरहवीं मरतबह मनाक़द होरहा है। इस में दुनिया के 55 ममालिक से क़रीब 300 शख्सियतें शिरकत कर रही हैं। मुंतज़मीन के मुताबिक़ इन में से निस्फ़ तादाद ऐसी शख़्सियात की है, जिन्हें रिवायती माअनों में फ़नकार कहा जाता है। इस 100 रोज़ा ग्लोबल आर्ट शो या आलमी फ़न्नी मेले का इफ़्तिताह जर्मन सदर यवाख़म गाओक करेंगे। मुसव्विरी , फोटोग्राफी, फ़िल्म और आलमी उमूर पर तबादला-ए-ख़्याल करने का ये एक सुनहरी मौक़ा होगा।

इस मेले में रखे गए फ़न पारों को देखने के लिए 7 लाख 50 हज़ार के क़रीब शायक़ीन की आमद की तवक़्क़ो की जा रही है। अगरचे डोकोमीनटा में जितने भी फ़न पारे दिखाए जाऐंगे वो सब बक़ैद हयात या ज़िंदा फ़नकारों और अदीबों के हैं। ताहम इस में मारूफ़ आँजहानी हिसपानवी मुसव्विर सल्वाडोर डाली और कम्पयूटर के बानी कहलाने वाले जर्मन साईंसदान कोनराड सोज़े के फ़न पारे भी दिखाए जाऐंगे।

इन के इलावा जर्मनी की रोज़ मारी टरोकल, जिन्हों ने 1997 में मुनाक़िद होने वाले डोकोमीनटा में हाऊस आफ़ पगज़ ऐंड पीपल तामीर किया था और जुनूबी अफ़्रीक़ा के मुसव्विर और फ़िल्म साज़ विलियम कीनटरज भी शरीक होंगे। चीनी फ़नकार स्विंग डोंग अपना फ़न कूड़े के ढेर पर से पर्दा हटाते हुए दिखाएंगेगे जब के फ़्रांसीसी फ़नकार पईर हीवग घास फूस से तैय्यार करदा मलग़ोबे का ढेर बतौर फ़न पेश करेंगे।

इबतिदाई प्रोग्राम के मुताबिक़ इस बार के डोकोमीनटा में El Chaco नामी दुनिया का दूसरा भारी तरीन शहाबी पत्थर नुमाइश के लिए रखने का भी जुरात मंदाना फ़ैसला किया गया था। इस का वज़न 37 टन है। ताहम इस इरादे को मुल्तवी कर दिया गया। ताहम इस कोशिश को दस्तावेज़ी शक्ल दे दी गई है।इस बार के डोकोमीनटा मेले में बशरियात, तबीअयात, इलम हैवानात और नफ़सियात के माहिरीन के अलाव इंजीनीयर्ज़, सयासी कारकुन, नज़रिया कार और तनवीमी मुआलिज भी शिरकत करेंगे।

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