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गोलकुंडा नया क़िला में मसाजिद-ओ-क़ब्रिस्तानों की सेयानत के तनाज़ा का नया मोड़,

हैदराबाद। 24 नवंबर(सियासत न्यूज़) हैदराबाद गोल्फ कोर्स सोसाइटी के ज़रीया नया क़िला में गोल्फ कोर्स फ़रोग़ देने के लिए आर क्या लो जीकल सर्वे आफ़ इंडिया की जानिब से अता करदा 170 एकड़ अराज़ी में वाक़्य दो मसाजिद और क़ब्रिस्तानों की सयानत के मसल

हैदराबाद। 24 नवंबर(सियासत न्यूज़) हैदराबाद गोल्फ कोर्स सोसाइटी के ज़रीया नया क़िला में गोल्फ कोर्स फ़रोग़ देने के लिए आर क्या लो जीकल सर्वे आफ़ इंडिया की जानिब से अता करदा 170 एकड़ अराज़ी में वाक़्य दो मसाजिद और क़ब्रिस्तानों की सयानत के मसला पर जारी तनाज़ा कल उस वक़्त एक नया मोड़ इख़तियार कर गया जब गोल्फ कोर्स सोसाइटी के वफ़द के साथ शहर के एक रुकन असमबली सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड से नुमाइंदगी करने पहुंचे। नुमाइंदगी करने वाले तमाम के तमाम मुस्लिम हैं।

गोल्फ कोर्स के अर्बाब के साथ रुकन असमबली की नुमाइंदगी से उन शुबहात को तक़वियत मिल रही है कि वक़्फ़ बोर्ड को अपनी रिपोर्ट से दसतबरदारी इख़तियार करने या इस में तबदीली करते हुए ताज़ा रिपोर्ट पेश करने के लिए सयासी दबाओ डाला जा रहा है। याद रहे कि इस ख़सूस में हाल ही में मुशतर्का सर्वे किया गया था और आंधरा प्रदेश स्टेट वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से /21 नवंबर को ही जवाइंट कलैक्टर हैदराबाद योग्यता राना को एक रिपोर्ट पेश की गई थी और इस के दूसरे दिन ही मालूम हुआ है कि वक़्फ़ बोर्ड की रिपोर्ट के साथ गोल्फ कोर्स के ज़िम्मेदारों का एक वफ़द रुकन असमबली के साथ वक़्फ़ बोर्ड पहुंच कर सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड जनाब सय्यद ग़ुलाम अफ़ज़ल ब्याबानी ख़ुसरो पाशाह से मुलाक़ात की।

बताया जाता है कि इस रिपोर्ट में वक़्फ़ बोर्ड ने वक़्फ़ के रिकार्ड की रोशनी में मस्जिद मुस्तफा ख़ान और मस्जिद मिला ख़्याली और उन से मुत्तसिल क़ब्रिस्तानों के रकबा जात को पेश किया जिस में ये भी वाज़िह करदिया गया कि मुक़ामी अफ़राद तक़रीबन 28 एकड़ अराज़ी के ओक़ाफ़ी होने का ना सिर्फ इद्दिआ कररहे हैं बल्कि ये भी इल्ज़ाम आइद किया जा रहा है कि गोल्फ कोर्स के लिए कई क़ुबूर को मिस्मार करदिया गया है इस लिए इस मसला की यकसूई के लिए मुतनाज़ा अराज़ी का साईल कैमीकल टेसट करवाया जाय ताकि ये पता चल सके कि आया जिस ज़मीन पर क़ुबूर होने का दावा किया जा रहा है वहां कभी मय्यतों की तदफ़ीन हुआ करती थी या नहीं ?

बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में ये मौक़िफ़ इख़्तयार क़य्या कि अगर कोई भी जायदाद दर्ज औक़ाफ़ भी ना हो मगर इस का इस्तिमाल मज़हबी शआर जैसे मसाजिद दरगाह क़ब्रिस्तान आशूर ख़ाना या ईदगाह के तौर पर हुआ हो तो क़ानून वक़्फ़ के तहत ये मिल्कियत ओक़ाफ़ी होगी। काबिल-ए-ग़ौर अमर ये है कि कल ही वक़्फ़ बोर्ड ने कलकटोरीट में अपनी रिपोर्ट दाख़िल की और कल गोल्फ कोर्स के अर्बाब एक रुकन असमबली के हमराह सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड से मुलाक़ात करते हुए अराज़ी का कैमीकल सर्वे करवाने की तजवीज़ पर अपनी नाराज़गी का इज़हार किया और ये बावर करवाने की कोशिश की कि वो भी मुस्लमान हैं

और उन से ये कैसे तवक़्क़ो रखी जा सकती हीका वो क़ुबूर की बेहुर्मती करेंगे? गोल्फ कोर्स के फ़रोग़ के लिए ओक़ाफ़ी जायदाद की तबाही और मज़हबी मुक़ामात के तक़द्दुस की पामाली के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले मुक़ामी अवाम और तंज़ीमों के नुमाइंदों ने इल्ज़ाम आइद किया कि इस केस में जवाइंट कुलैक्टर जांबदारी का मुज़ाहरा कररही हैं इस लिए इन का तबादला ना सही इस केस से हटा दिया जाय और एक ग़ैर जांबदार ओहदेदार को नामज़द किया जाई।

अवाम ने ताज्जुब का इज़हार किया कि वक़्फ़ बोर्ड की रिपोर्ट का अफ़शा-ए-क्योंकर किया गया? अवाम ने इस्तिफ़सार किया कि गोल्फ कोर्स के अर्बाब की नीयतों में कोई खोट नहीं है तो फिर वो क्यों ख़ौफ़ज़दा हैं? जनाब मुजाहिद हाश्मी मोतमिद अवामी मजलिस-ए-अमल ने अर्बाब गोल्फ कलब के इख़तियार करदा मौक़िफ़ पर शदीद रद्द-ए-अमल का इज़हार करते हुए कहा कि अगर गोल्फ कोर्स के लिए क़ुबूर को मिस्मार नहीं किया गया तो फिर वो अराज़ी के कैमीकल सर्वे करवाने वक़्फ़ बोर्ड की तजवीज़ को बखु़शी क़बूल करलीं और अराज़ी के कैमीकल सर्वे करवाने की तजवीज़ से वक़्फ़ बोर्ड को बाज़ रखने के लिए सयासी असर-ओ-रसूख़ का क्यों इस्तिमाल किया जा रहा है।

उन्हों ने कहा कि गोल्फ कलब के चंद ओहदेदारों ने ख़ुद को रासिख़ उल-अक़ीदा मुस्लमान होने का इद्दिआ करते हुए ये बावर करवाने की कोशिश कररहे हैं कि गोल्फ कोर्स के लिए क़ुबूर को मिस्मार नहीं किया गया है तो फिर वो वक़्फ़ बोर्ड की तजवीज़ पर ख़ौफ़ क्यों खा रहे हैं। उन्हों ने कहा कि गोल्फ कोर्स के अर्बाब की इस बेचैनी से साफ़ ज़ाहिर होता है कि क़ुबूर को मिस्मार किया गया है।

उन्हों ने ये भी इस्तिफ़सार किया कि अगर वाक़ई क़ुबूर को मिस्मार नहीं किया गया तो गुज़शता दिनों इस इलाक़ा के मुआइना के दौरान क़ुबूर की तावीज़ और पत्थरों को बिखरा पाया गया जिस की तसावीर बाअज़ अख़बारात में शाय भी हुई हैं।

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