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गोली पूरा सुलतान शाही की 22 साल से ग़ैर आबाद मस्जिद यकख़ाना आबाद हो गई

हैदराबाद । ०९। अगस्त : ( नुमाइंदा ख़ुसूसी ) : शहर में आज उस वक़्त गंगा जमुनीतहज़ीब हिन्दू मुस्लिम इत्तिहाद-ओ-यकजहती का मुज़ाहरा देखने में आया जब गोली पूरासुलतान शाही के मुक़ामी हिन्दू तक़रीबन 22 साल से ग़ैर आबाद मस्जिद को आबाद करने म

हैदराबाद । ०९। अगस्त : ( नुमाइंदा ख़ुसूसी ) : शहर में आज उस वक़्त गंगा जमुनीतहज़ीब हिन्दू मुस्लिम इत्तिहाद-ओ-यकजहती का मुज़ाहरा देखने में आया जब गोली पूरासुलतान शाही के मुक़ामी हिन्दू तक़रीबन 22 साल से ग़ैर आबाद मस्जिद को आबाद करने में ना सिर्फ आगे आए बल्कि मस्जिद की साफ़ सफ़ाई में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया औरइफ़तार के मौक़ा पर अपने मुस्लिम भाईयों के साथ इफ़तार भी किया ।

वाज़िह रहे कि गोली पूरा सुलतान शाही में वाक़्य मस्जिद यकख़ाना दिसंबर 1990 के भयानक फ़सादाद के बाद से ग़ैर आबाद थी । मुकम्मल ग़ैर मुस्लिम आबादी में घिरी इस मस्जिद में 22 बरसों से नमाज़ों का सिलसिला भी बंद हो चुका था और मुस्लमान इस तरफ़ जाने से गुरेज़ कररहे थे लेकिन सदर दक्कन वक़्फ़ परोटकशन सेल उसमान बिन मुहम्मद अलहाजरी और उन के साथीयों ने मस्जिद को आबाद करने का बीड़ा उठाते हुए मुक़ामी हिन्दुओ से बातचीत की जिस पर मुक़ामी हिन्दू नौजवान और बुज़ुर्ग हज़रात ना सिर्फ मस्जिद को आबाद करने केमंसूबा का ख़ैर मुक़द्दम किया बल्कि मस्जिद की बैरूनी दीवारों की आहक पाशी भी की औरअंदरूनी हिस्सा में मौजूद सामान को वहां से हटा दिया ।

फ़सादाद के बाद बाअज़ नाआक़बत अंदेश अनासिर इस मस्जिद को स्टोर रुम के तौर पर इस्तिमाल कररहे थे । आज सुबह से ही दक्कन वक़्फ़ प्रॊटेक्शन सेल के कारकुन मस्जिद की साफ़ सफ़ाई का काम शुरू करचुके थे । मुक़ामी हिन्दुओ ने बातचीत पर दक्कन वक़्फ़ प्रॊटेक्शन सोसाइटी के ओहदा दारों-ओ-कारकुनों से कहा कि मस्जिद को आबाद करने पर उन्हें ख़ुशी होगी ना सिर्फ मुस्लमान इस मस्जिद में नमाज़ें अदा करसकते हैं बल्कि इफ़तार वग़ैरा का इंतिज़ाम करसकते हैं इस पर किसी हिन्दू को कोई एतराज़ नहीं है । चुनांचे मुस्लमानों की एक कसीर तादाद ने मस्जिद यकख़ाना में इफ़तार का एहतिमाम किया और नमाज़ मग़रिब भी अदा की ।

दावत इफ़तार में मुक़ामी हिन्दुओ की कसीर तादाद शरीक थी । दक्कन वक़्फ़ प्रॊटेक्शन सेल ने उन लोगों की खजूर और हलीम से तवाज़ो की । हिन्दुओ को जब खजूर पेश किए गए तो उन लोगों ने बड़े ही एहतिराम से अपनी चप्पलें उतार कर खजूर को क़बूल किया । मस्जिद को आबाद करने में दक्कन वक़्फ़ परोटकशन सेल के इलावा सय्यद अज़हर , तौसीफ और एम ए अज़ीज़ सुहेल के इलावा मुक़ामी हिन्दू नौजवानों विनोद , दयानंद , याद गेरी , विनोद कुमार , सक्सेना , नरेंद्र वग़ैरा का अहम रोल रहा ।

हिन्दू नौजवानों ने मस्जिद की साफ़सफ़ाई में भी हिस्सा लिया । मस्जिद की सफ़ाई और उसे आबाद करने की इत्तिला सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड मौलाना ख़ुसरो पाशाह को भी दी गई जिस पर उन्हों ने कहा कि माहरमज़ान उल-मुबारक में मस्जिद आबाद होरही है । ये बहुत ख़ुशी की बात है ।

उन्हों ने वक़्फ़ बोर्ड की एक टीम को भी रवाना किया । ऐसा पहली मर्तबा हुआ कि वक़्फ़ बोर्ड ने एक ग़ैर आबाद मस्जिद को आबाद करने के मौक़ा पर वक़्फ़ बोर्ड की टीम भी मौजूद थी । वक़्फ़ बोर्ड टास्क फ़ोर्स इन्सपैक्टर अबदुल क़ुद्दूस , चीफ़ रेंट इन्सपैक्टर मुहम्मद अज़मत , सुरवीर मुहम्मद शुजाअत अली और दीगर ओहदेदार भी इस मुबारक मौक़ा पर मौजूद थे । मौलाना ख़ुसरो पाशाह ने अपनी टीम के ज़रीया पयाम दिया कि वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से मस्जिद में फ़र्श बिछाने और जाली नसब करने का काम फ़ौरी शुरू किया जाएगा ।

नमाज़ मग़रिब की इमामत मौलाना अबदुलक़ुद्दूस ग़ौरी ने की । सय्यद क्रीम उद्दीन शकील ऐडवोकेट , उसमान अलहाजरी , मक़बूल अलहाजरी भी मौजूद थे । मौलाना अबदुलक़ुद्दूस ग़ौरी , सय्यद क्रीम उद्दीन शकील ऐडवोकेट और उसमान अलहाजरी ने अपने मुख़्तसर से ख़ताबात में मस्जिद के आबाद होने पर ख़ुशी-ओ-मुसर्रत का इज़हार करते हुए बारगाह रब अलाज़त में शुक्र बजा लाया और मस्जिद को आबाद करने में मदद करने वाले ग़ैर मुस्लिम भाईयों की सताइश की और कहा कि तक़रीबन 22 बरसों बाद इस मस्जिद से फिर एकबार अजानें सुनाई देंगी ।

इन तीनों ने शुरका को इस्लाम में ग़ैर मुस्लिमों के साथ बरताव‌ और मसाजिदको आबाद करने की एहमीयत-ओ-इफ़ादीयत पर रोशनी डाली और कहा कि रोज़नामा सियासत ने शहर और मुज़ाफ़ात में ग़ैर आबाद मसाजिद को आबाद करने की जो तहरीकशुरू की है इंशाअल्लाह इस के हौसला अफ़ज़ा-ए-नताइज बरामद होंगे ।

नमाज़ मग़रिब के बाद हिन्दू और मुस्लमान एकदूसरे से बग़लगीर हुए और मुबारकबाद पेश की । वाज़िह रहे कि मस्जिद यकख़ाना गोली पूरा सुलतान शाही के बारे में सियासत के नुमाइंदा ख़ुसूसी ने इन्किशाफ़ किया था जिस के बाद मुहम्मद उसमान अलहाजरी और दीगर ने वक़्फ़ बोर्ड टीम के हमराह इस ग़ैर आबाद मस्जिद का तफ़सीली मुआइना भी किया था और इस वक़्त मस्जिद को आबाद करने का अज़म भी किया था और अल्लाह के फ़ज़ल और इस के प्यारे नबी ई के तसद्दुक़ से मस्जिद आबाद हो गई ।।

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