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गोवा में शुरू हुआ मुस्लिम चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘तारे ज़मीन पर’

वेरना (गोवा): जमात-ए-इस्लामी हिंद (JIH) अमीर (राष्ट्रीय अध्यक्ष) मौलाना सैयद जलालुद्दीन उमरी ने मुस्लिम समुदाय से आह्वान किया कि मुस्लिम युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के अवसर प्रदान किये जाने चाहिए |

मुस्लिम चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘तारे जमीं पर’ के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि गोवा में आयोजित इस फेस्टिवल की तरह इस तरह के फेस्टिवल का आयोजन देश के दूसरे राज्यों में भी किया जाना चाहिए | इसके साथ बच्चों को नयी जानकारियों के साथ उनको इस्लाम की भी जानकारी दी जानी चाहिए |

उन्होंने कहा कि “हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि कैसे हम इस दौर में अपने अपने बच्चों की परवरिश करें जिससे वो आने वाले वक़्त में कामयाब रहें |उन्होंने कहा कि  यह माता पिता की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों की अच्छी परवरिश करें| उन्होंने कहा मौजूदा दौर की तालीम के साथ उनको इस्लामी तालीमात भी बेहतर तरीक़े से दी जानी चाहिए|

बोर्ड ऑफ़ इस्लामिक एजुकेशन ने  हिकमत फाउन्डेशन के सहयोग से 26 से 30 दिसंबर तक वेरना में गुलमोहर बाग परिसर में मुस्लिम चिल्ड्रन फेस्टिवल ‘तारे जमीं पर’ का आयोजन किया है | समारोह में मुख्य अतिथि, चिकित्सा सेवा सोसायटी और  जमात-ए-इस्लामी कर्नाटक के सदस्य सलाहकार परिषद के राष्ट्रीय संयोजक डॉ ताहा मतीन ने युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों को बढ़ाने पर ज़ोर दिया | उन्होंने कहा कि ‘कामयाबी बन्दूक और ताक़त के बल पर नहीं आती है बल्कि ये अल्लाह पर भरोसे और और यक़ीन से मिलती है’ | उन्होंने कहा कि इंसान इस वक़्त आत्मशक्ति के भ्रम में है लेकिन अगर अल्लाह चाहे तो ज़मीन फाड़ कर हम सबको इसमें दफन कर सकता है |

जमात-ए-इस्लामी हिंद गोवा के अध्यक्ष अब्दुल वहीद खान ने कहा है कि गोवा में मुसलमानों की हीन भावना को दूर करने की ज़रुरत है जिससे बच्चे हर क्षेत्र में कामयाब हों | उन्होंने कहा कि हमें खुद को साबित करने के लिए हमारे बच्चों को सही प्लेटफॉर्म प्रदान करने की जरूरत है और हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे समाज में एक बेहतरीन प्रतिभा के तौर पर सामने आयें |

तारे जमीं पर के  आयोजन का खास मक़सद गोवा के मुस्लिम बच्चों में गोवा की मुस्लिम संस्कृति और विरासत के बारे में जागरूकता पैदा करने, नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ उनके माता पिता में जागरूकता पैदा करना है जिससे वह अपने बच्चों की बेहतर परवरिश कर सकें |  आयोजकों ने बच्चों के साथ ही उनके माता-पिता की काउन्सिलिंग के  लिए देश भर से पेशेवरों को आमंत्रित किया है|

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