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गोश्त बरामद कुनुन्दगान के लिए सब्सीडी बर्ख़ास्त कर दी जाये

नई दिल्ली: बी जे पी लीडर सुब्रामणियम स्वामी ने वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी से अपील की है कि गाय के गोश्त की बरामद पर पाबंदी की सिम्त पहले क़दम के तौर पर एक्सपोर्टर्स के लिये सब्सीडी बर्ख़ास्त कर दिया जाये। वज़ीरे आज़म को मौसूमा एक मकतूब में उन्होंने बताया कि गाय के गोश्त के बरामद कुनुन्दगान को टैक्स अदा करने वालों की रक़ूमात से सब्सीडी दी जाती है जिसके बाइस उनके जज़बात मजरूह हो रहे हैं।

मिस्टर सुब्रामणियम स्वामी ने वज़ीरे आज़म से गुज़ारिश की है कि गोश्त बरामद शोबा के लिये फ़ील-फ़ौर सब्सीडी बर्ख़ास्त करदेने के लिये मुताल्लिक़ा हुक्काम को हिदायत दी जाये ताकि गाय के गोश्त की दरआमद पर पाबंदी की सिम्त पहले क़दम उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और दीगर रियासतों में ज़बीहा गाव पर इमतिना आइद कर दिया है।

अब ये ज़रूरत है कि बरामद कुनुन्दगान ( एक्सपोर्टर्स ) को फ़राहम 13 इक़साम की सब्सीडी से दसतबरदारी इख़तियार करली जाये जो कि एग्रीकल्चरल एंड फ़ूड प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरीटी के ज़रिया हासिल की जाती है और उन सब्सीडीज़ से उन रियासतों से गाय के गोश्त की बरामद के लिये तरग़ीब मिलती है।

जहां पर ज़बीहा गाँव‌ के ख़िलाफ़ पाबंदी आइद नहीं है और जिसके नतीजे में क़ौम के करोड़ों रुपये सब्सीडी की शक्ल में मेट एक्सपोर्टर्स की जेब चले जाते हैं। बी जे पी लीडर ने ये निशानदेही की कि गोश्त की बरामद 1992 में शुरू की गई और अब ये कारोबार मिक़दार में 15 लाख मीट्रिक टन और मालीयाती क़दर में 30 हज़ार करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने वज़ीरे आज़म को याद दहानी करवाई कि आपने 2014 के इंतेख़ाबी जलसों में मेट की बरामद को पेशरू हुकूमत का गुलाबी इन्क़िलाब क़रार दिया था और अब पाबंदी आइद करने का वक़्त आगया है

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