Tuesday , October 24 2017
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चंद्रा बाबू को किस अदालत ने बेक़सूर क़रार दिया है ?

वाई एस आर कांग्रेस पार्टी की एज़ाज़ी सदर मिसिज़ विजय माँ ने चंद्रा बाबू नायडू के दौर-ए-हकूमत को मनहूस दूर क़रार देते हुए इस्तिफ़सार किया के उन्हें कौनसी अदालत ने बेक़सूर क़रार दिया है ?।

वाई एस आर कांग्रेस पार्टी की एज़ाज़ी सदर मिसिज़ विजय माँ ने चंद्रा बाबू नायडू के दौर-ए-हकूमत को मनहूस दूर क़रार देते हुए इस्तिफ़सार किया के उन्हें कौनसी अदालत ने बेक़सूर क़रार दिया है ?।

हुक्म अलतवा पर ज़िंदगी गुज़ारते हुए अपने आप को क्लीन चिट देने का इल्ज़ाम लगय । आज खम्मम में साबिक़ चीफ मिनिस्टर वेंगल राव‌ के फ़र्ज़ंद साबिक़ रुकन असेंबली जय वेंकट राव‌ ने वाई एस आर कांग्रेस पार्टी में शमूलीयत इख़तियार की । इस मौके पर जल्सा-ए-आम से ख़िताब करते हुए विजय माँ ने कहा के वो 18 अलग अलग मुक़द्दमात पर अदालत में चंद्रा बाबू नायडू के ख़िलाफ़ मफ़ाद-ए-आम्मा की दरख़ास्त दाख़िल करचुकी थी लेकिन सी बी आई ने तहकीकात में टाल मटोल की ।

इस दौरान उन के हामियों की तरफ से अदालत पहूंच कर हुक्म अलतवा हासिल किया गया है । हुक्म अलतवा को नायडू इस तरह पेश कररहे हैं के जैसे वो बेक़सूर हैं।

अवामी मसाइल पर अपोज़ीशन का तामीरी रोल अदा करने में तेलगुदेशम नाकाम होचुकी है । पदयात्रा के नाम पर तमाशा करते हुए चंद्रा बाबू नायडू अवाम को धोका देने की कोशिश कररहे हैं। चंद्रा बाबू नायडू का 9 साला दौर-ए-हकूमत मनहूस दौर था जहां ज़रई शोबा तबाही के दहाने पर पहूंच गया था ।

अवाम को दो वक़्त का खाना नसीब नहीं था । नायडू के दौर-ए-हकूमत में बर्क़ी मसाइल थे , किसानों के ख़िलाफ़ मुक़द्दमात दर्ज किए गए थे । बर्क़ी बलज़ अदा ना करने वाले किसानों के घरों में जो भी सामान था वो सब उठालया गया ।

कई किसानों ने ख़ुदकुशी की है । शराब पर से इमतिना बरख़ास्त करने वाले नायडू अब बेल्ट शॉप्स ख़त्म करने का अवाम से वाअदा कररहे हैं जिस पर अवाम को भरोसा नहीं है ।

उन्हों ने राज शेखर रेडडी के दौर को सुनहरे दौर से ताबीर करते हुए कहा के 2008-09 में उन्हों ने मर्कज़ी हुकूमत से 64 लाख किसानों के 12 हज़ार करोड़ रुपये के क़र्ज़ माफ़ किराए , जो क़र्ज़ अदा करचुके थे उन्हें 5 हज़ार रुये मवज़ा के तौर पर 1800 करोड़ रुपये अदा किए। 1259 करोड़ रुपये के बर्क़ी बक़ाया जात माफ़ किए ।

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