Wednesday , August 23 2017
Home / Khaas Khabar / चावल की क़ीमत में ज़बरदस्त इज़ाफे का इमकान

चावल की क़ीमत में ज़बरदस्त इज़ाफे का इमकान

नई दिल्ली: दालों के बाद चावल की क़ीमत में ज़बरदस्त इज़ाफे का इमकान ज़ाहिर किया जा रहा है। आने वाले महीनों में चावल की क़ीमतें भी आसमान को पहुँचें गें। सनती इदारो के मुताबिक़ ख़रीफ़ की फ़सल में कमी के बाइस चावल का ज़ख़ीरा घट जाएगा और इस की क़िल्लत पैदा होगी।

मार्किट के मौजूदा क़ीमत के रुजहान से पता चलता है कि ग़ैर बासमती चावलों की क़ीमत गुज़िश्ता साल 30 रुपये किलो के मुक़ाबिल इस साल 25 रुपये फ़ी किलो हुई है। होलसेल मार्किट में ये क़ीमत अब भी 25 रुपये फ़ी किलो चावल दस्तयाब है। इसी तरह बासमती चावल की होलसेल मार्किट क़ीमत में 30 फ़ीसद कमी आई है।

जो चावल गुज़िश्ता साल 62 ता 65 रुपये फ़ी किलोग्राम दस्तयाब था अब ये चावल मार्किट में 44 ता 45 रुपये फ़ी किलोग्राम दस्तयाब है जबकि सनती इदारा अश्शो शम ने अपने सर्वे में बताया है कि दालों, प्याज़ और तेल की क़ीमतों में इज़ाफे़ के बाद चावलों की क़ीमतें भी अवामुन्नास के लिए मुश्किलात पैदा कर देंगी।

अगर वक़्त पर एहतियाती इक़दामात नहीं किए गए तो मार्किट से चावल भी ग़ायब हो जाएगीगा। चावल की क़ीमतें आसमान को छूने लगीं गें और आने वाले महीनों में इसका ज़ख़ीरा ख़त्म हो जाएगा तो नई फ़सल आने का इंतेज़ार रहेगा। हुकूमत के तख़मीना के मुताबिक़ ख़रीफ़ की फ़सल से 2015१6 में 90.61 मिलियन टन चावल की पैदावार होगी।

पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में पानी की कमी के बाइस ख़ुशकसाली पैदा हुई है। इन रियासतों में चावल की पैदावार भी घट रही है। बारिश ना होने से चावल की पैदावार 89 मिलियन टन हो सकती है। जबकि 2015-16के दौरान 103 मिलियन टन का तख़मीना लगाया गया था।

TOPPOPULARRECENT