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चीफ मिनिस्टर कर्नाटक सदानंद गौड़ा का इस्तीफ़ा मंज़ूर

कर्नाटक के वज़ीर-ए-आला डी वी सदानंद गौड़ा ने गवर्नर एच आर भारद्वाज को आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया । पी टी आई की इत्तिला के बमूजब ( मुताबिक) गवर्नर ने इन का इस्तीफ़ा फ़ौरी कुबूल ( स्वीकार) कर लिया। ताहम मुतबादिल इंतिज़ाम होने तक उन्हें अपने

कर्नाटक के वज़ीर-ए-आला डी वी सदानंद गौड़ा ने गवर्नर एच आर भारद्वाज को आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया । पी टी आई की इत्तिला के बमूजब ( मुताबिक) गवर्नर ने इन का इस्तीफ़ा फ़ौरी कुबूल ( स्वीकार) कर लिया। ताहम मुतबादिल इंतिज़ाम होने तक उन्हें अपने ओहदा पर बरक़रार रहने की ख़ाहिश की।

जगदीश शटार को चीफ़ मिनिस्टर मुक़र्रर करते हुए उन्हें तशकील हुकूमत की दावत दी। पी टी आई की इत्तिला के बमूजब ( मुताबिक) उन की मजलिस वुज़रा (मministers meetings) को बी जे पी का हाईकमान क़तईयत देगा। इस के साथ ही सीनीयर लीडर जगदीश शटार के लिए कल रियासत में बी जे पी हुकूमत का इक़तिदार ( शासन) सँभालने का रास्ता हमवार हो गया।

मिस्टर गौड़ा की हिमायत में आज बड़ी तादाद में उन के हामी रिहायश गाह पर यकजा ( एकत्र) हुए थे और उन से इस्तीफ़ा नहीं देने की दरख़ास्त कर रहे थे। उन्होंने ताहम लोगों को पुर सुकून रहने की तलक़ीन की और राज भवन जाकर गवर्नर को अपना इस्तीफ़ा पेश कर दिया।

मिस्टर गौड़ा के मुतअद्दिद हामी ( कुछ मित्र) भी उन के साथ राज भवन गए और रास्ते भर नारेबाज़ी करते रहे। पुलिस को मुज़ाहिरीन पर क़ाबू पाने में काफ़ी मुशक़्क़त करनी पड़ी। मिस्टर गौड़ा ने गुज़श्ता साल 9 अगस्त को वज़ीर-ए-आला का ओहदा सँभाला था। हालाँकि इस के बाद से ही साबिक़ वज़ीर-ए-आला बी एस येदि यूरप्पा के साथ ताल्लुक़ात ख़ुशगवार नहीं थे।

मिस्टर येदि यूरप्पा ने ही मिस्टर गौड़ा को लोक सभा की रुकनीयत से रियासत के वज़ीर-ए-आला के ओहदे पर फ़ाइज़ कराने में सब से अहम रोल अदा किया था लेकिन बाद में वो उन्हें इक़तिदार ( शासन) से माज़ूल कराने ( हटाने) की कोशिशों में भी मसरूफ़ हो गए।

मिस्टर येदि यूरप्पा ने मिस्टर गौड़ा पर जनता दल सैक्यूलर के सरबराह और साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म एच डी देवेगौड़ा से क़ुरबत (नज़दीकीपन) का भी इल्ज़ाम लगाया था। मिस्टर यूरप्पा को बदउनवानी ( नियम के खिलाफ) के इल्ज़ामात की वजह से वज़ीर-ए-आला के ओहदा से इस्तीफ़ा देना पड़ा था।

यूरप्पा ने बी जे पी को शुमाली हिंद में किसी रियासत में पहली मर्तबा इक़तिदार ( सत्ता) में आने में अहम रोल अदा किया था। आज जिस वक़्त मिस्टर सदानंद गौड़ा इस्तीफ़ा देने के लिए जाने वाले थे उस वक़्त कम अज़ कम 47 अरकान असेंबली बिशमोल वुज़रा और पार्टी के रियास्ती सदर उन की रिहायश गाह पर मौजूद थे जिस की वजह से उन्हें पार्टी क़ानूनसाज़ की मीटिंग में शिरकत करने में ताख़ीर ( देरी) हुई।

गवर्नर के ज़रीया गौड़ा का इस्तीफ़ा नामंज़ूर करने के बाद मिस्टर शीटर ने गवर्नर एच आर भारद्वाज से मुलाक़ात की और रियासत में नई हुकूमत साज़ी का दावे पेश किया। उम्मीद है कि शटार को कल हलफ़ दिलाया जाएगा। पी टी आई के बमूजब ( मुताबिक) अपनी क़ियामगाह पर प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए सदानंद गौड़ा ने कहा कि वो पार्टी की मर्कज़ी क़ियादत ( Leadership) पर भरोसा रखते हैं और उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि मर्कज़ी क़ियादत उन के हामियों के मुतालिबात की तकमील करेगी।

सदानंद गौड़ा ने अपने हामियों से ये भी कहा कि उन्हें उन से तआवुन करना चाहेंगे और मुस्ताफ़ी होने की वजह से मायूस नहीं होना चाहीए । वो का लेगा।लनगएत ज़ात के मुसावी असर-ओ-रसूख़ की बिना पर शटार का बतौर बी जे पी मुक़न्निना पार्टी लीडर कल इंतिख़ाब अमल में आया जबकि लम्हा आख़िर गौड़ा के वफ़ादार अरकान असैंबली ने अपना ज़ोर बाज़ू दिखाने की कोशिश की जिन्होंने इस वक़्त तक इजलास में शिरकत करने से इनकार कर दिया जब तक कि इन के मुतालिबात तस्लीम ना कर लिए जाएं।

उन्होंने क़ियादत से तीक़न तलब किया कि रियासती पार्टी की सदारत सदानंद गौड़ा को दी जाएगी और रियासत का डिप्टी चीफ मिनिस्टर रियासती सदर बी जे पी के इस इश्वर पा को मुक़र्रर किया जाएगा और कम अज़ कम 20 वज़ारती क़लमदान सदानंद गौड़ा के हामियों को दीए जाएंगे ।

बी जे पी क़ियादत ने एतवार के दिन कर्नाटक की क़ियादत में तबदीली का ऐलान किया था और सदानंद गौड़ा को मुस्ताफ़ी होने की हिदायत दी थी ताकि उन का जानशीन जगदीश शटार को मुक़र्रर किया जाय और साबिक़ चीफ मिनिस्टर बी एस यदि यूरप्पा पर दबाओ डाला जाय जो चाहते थे कि चीफ मिनिस्टर लनगएत तबक़ा का कोई शख़्स हो।

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