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छोटा राजन का हिंदुस्तान लौटने से गैंग के जेल में बंद गुर्गो में जोश

छोटा राजन को मुल्क में वापस लाए जाने से जांच एजेंसियों को जुर्म की दुनिया से जुडे लोगों तक पहुंचने में कितनी मदद मिलती है, यह तो बाद की बात है, लेकिन फिलहाल इससे मुख्तलिफ जेलों में बंद उसके गुर्गो में जरूर जोश आ गया है। खुफिया एजेंसियों के सर्विलांस पर चल रहे इन गुर्गो की बातचीत रिकॉर्ड पर ली गई है, जिससे इसका खुलासा हुआ है।

इन गुर्गो में चली बातचीत का कुछ नमूना इस तरह है-

“अरे…मुकीम… नाना आ रहा है नाना… अपना नाना..। हां सीबीआई वाले जाएंगे… कुछ दिन में मुंबई आ जाएंगे… देखना अब मजा आएगा मुंबई वालों को। अब आएगी कुछ गर्मी…।

“हां…बाबा…ठीक कह रहे हो।”

“मुंबई में शेप्ती पर सिर्फ फायरिंग कराओ, हां सिर्फ फायरिंग कराना.. अपने आप 20-25 लाख दे देगा.. फिर तो करोड- दो करोड हर महीने आने लगेंगे…।” इलाहाबाद जेल में बंद छोटा राजन गैंग का एक शार्प शूटर।

गैंग के रुकन जहां एक मर्तबा सरगर्म हो रहे हैं, वहीं जेलों में बंद अपने आकाओं से मुसलसल ऐसी बातें कर रहे हैं, जिसने उत्तर प्रदेश की पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियों की भी नींद उडा दी है। यह खुलासा खुफिया एजेंसियों के छोटा राजन गैंग के इलाहाबाद, खण्डवा और ग्वालियर जेलों में बंद गुर्गों की सर्विलांस के दौरान हुआ है। इलाहाबाद जेल में बंद एक शार्प शूटर ने तो अपने जिस्म पर कई जगह “नाना….नाना” लिखवा रखा है।

छोटा राजन का इंडोनेशिया से आने की खबर क्या फैली, उसके जेलों में बंद गुर्गों की खुशियों का ठिकाना नहीं है। एसटीएफ के साथ ही खुफिया एजेंसियां इन गैंगों पर नजर रख रही थीं। खुफिया एजेंसी की फिक्र इसलिए थी कि छोटा राजन गैंग को दाना पानी यूपी के पूर्वांचल के कई जिलों और मध्य प्रदेश से पहुंचाया जाता है।

इसी के मद्देनजर अब एसटीएफ ने भी सर्विलांस शुरू की है।

खुफिया ज़राये की मानें तो यूपी और मध्य प्रदेश की जेलों में बंद छोटा राजन उर्फ नाना के गुर्गे मुंबई, पुणे और गोवा के कई बडे ताजिरों से लाखों की हर महीने अब भी वसूली कर रहे हैं। एसटीएफ और खुफिया की फिक्र है कि जिस तरह गैंग खुश है, उससे जरूर जेलों से गैंग की वसूली का धंधा जोर पकड सकता है।

एसटीएफ ने तीन दिन पहले ही छोटा राजन गैंग की सुपारी लेने वाले तीन बदमाशों को इलाहाबाद में गिरफ्तार किया है लेकिन दिगर जेलों में भी सरगर्मी के सबब अब चुनिंदा इंस्पेक्टरों की टीम को खासतौर पर सर्विलांस के लिए लगाया गया है।

खुफिया एजेंसियों की मानें तो गैंग में तीन ख्वातीन भी हैं। उनका जिम्मा गैंग के शूटरों को नगदी मुहैया कराना और वसूली की रकम का हिसाब रखना है। इनमें से एक का नाम “शाहीन” है। शाहीन के पास इस वक्त मुंबई से हाल ही में आई तीन लाख रूपये की नगदी गैंग ने रखवाई है।

सीबीआई के साबिक चीफ जोगिंदर सिंह ने कहा है कि अंडरवल्र्ड डॉन छोटा राजन की गिरफ्तारी से दूसरे माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम तक पहुंचने में कोई मदद नहीं मिलने वाली है। सिंह ने कहा कि दाऊद पाकिस्तान में है, यह वहां की हुकूमत कतई मानने को तैयार नहीं है।

ऐसे में राजन की गिरफ्तारी से उस तक पहुंचने की जो उम्मीद लगायी जा रही है, उसमें कोई दम नहीं है। राजन की गिरफ्तारी दाऊद तक पहुंचने का रास्ता नहीं है।

हालांकि राजन को गिरफ्तार करने के लिए उन्होंने हिंदुस्तान की तरफ से इंडोनेशिया के ओहदेदारों का शुक्रिया जताया। उन्होंने कहा कि अगर दाऊद को पकडना है तो उसके लिए हिंदुस्तान को वैसा ही मुहिम चलाना होगा जैसा कि लादेन को पकडने के लिए अमेरिका ने चलाया था।

राजन और दाऊद के बीच कट्टर दुश्मनी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राजन कई जानलेवा हमलों में बाल-बाल बचा है। दाऊद अभी भी उसे रास्ते से हटाने की फिराक में है। फिर भी मुबंई अभी भी उसके लिए सबसे महफूज़ जगह है, क्योंकि नस्ली तौर से वह मुंबई का ही रहने वाला है। दाऊद पर आगे की कार्रवाई के सवाल पर सिंह ने कहा कि अदालत तय करेगी कि आगे क्या करना है। मुल्क के कानून के हिसाब से जो जरूरी होगा, किया जाएगा।

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