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जंगबंदी की ख़िलाफ़वरज़ीयां तशवीशनाक

दोनों मुल्कों के फ़ौजी ताल्लुक़ात को अव्वलीन तर्जीह देना ज़रूरी, सलमान ख़ुरशीद का बयान

दोनों मुल्कों के फ़ौजी ताल्लुक़ात को अव्वलीन तर्जीह देना ज़रूरी, सलमान ख़ुरशीद का बयान

ख़त क़बज़ा पर जंग बंदी की ख़िलाफ़ वरज़ीयों को तशवीशनाक मामला क़रार देते हुए वज़ीर-ए‍-ख़ारिजा सलमान ख़ुरशीद ने आज कहा कि ये ना सिर्फ़ सिफ़ारती मसला है बल्कि फ़ौजी ताल्लुक़ात का भी मसला है। दोनों ममालिक की हुकूमतें इस मसले को अव्वलीन तर्जीह दे रही है।

ये निहायत ही अहम मौज़ू है जिस को निमटना ज़रूरी है। ये सिर्फ़ सिफ़ारती मसला नहीं बल्कि फ़ौजी ताल्लुक़ात का भी मसला है। बुनियादी सूरत-ए-हाल का जायज़ा लेना दोनों ममालिक के अफ़्वाज के लिए ज़रूरी है। अपने दिफ़ाई फ़ोर्स पर कामिल एतिमाद का इज़हार करते हुए सलमान ख़ुरशीद ने कहा कि हमारी फ़ौज के साथ बेहतरीन ताल्लुक़ात हैं।

दोनों तरफ‌ ज़्यादा से ज़्यादा सब्र-ओ-तहम्मूल का मुज़ाहरा किया जाता है। किसी भी किस्म की कार्रवाई का सामना करने केलिए हमारे सिपाही तैयार हैं। जम्मू और सांबा अज़ला में बैन-उल-अक़वामी सरहद पर पाकिस्तान की शलबारी में कल 2 बी ऐस एफ़ जवान ज़ख़मी हुए थे। उन्होंने कहा कि में समझता हूँ कि ये हिन्दुस्तान के लिए तशवीश का मामला है। हम सरहद पर होने वाली फायरिंग का संजीदगी से जायज़ा लेंगे। अपने शहरीयों की सलामती और ख़ुदमुख़तारी का तहफ़्फ़ुज़ ज़रूरी है।

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