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जगजीत सिंह पुण्यतिथि स्पेशल: शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आपकी कमी सी है

PC: Mid-Day

लोगों पर अपनी मदहोश आवाज़ से जादू चला देने वाले गजलों के सम्राट जगजीत सिंह आज ही दिन इस दुनिया को छोड़ एक अनदेखी दूसरी दुनिया में चले गए थे। साल 2011 में जिंदगी से विदा ले गए जगजीत सिंह की जिंदगी से जुड़े कुछ किस्सों पर नजर डालते हैं। जगजीत सिंह का बचपन बड़ी ही परेशानियों में बीत। लेकिन लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करने वाले जगजीत सिंह ने पूरी दुनिया संगीत की रौशनी जलाई।

राजस्थान के गंगानगर में जन्मे जगजीत सिंह के पिता सरदार अमर धमानी सरकारी कर्मचारी थे। पढाई के शुरूआती दौर में गंगानगर के खालसा स्कूल में पढ़े जगजीत सिंह बाद में पढ़ने के लिए पंजाब के जालंधर गए। जालंधर के डीएवी कॉलेज से स्नातक की डिग्री लेकर उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया। जगजीत के पिता उन्हें ब्यूरोक्रेट बनाना चाहते थे लेकिन जिंदगी इंसान को कहाँ ले जाए ये तय कर पाना थोड़ा मुश्किल है।

किस्मत को कुछ और ही मंजूर था इस लिए जगजीत सिंह को आज सभी उनकी गज़ल की वजह से जानते हैं। पिता की आईएएस बनाने की इच्छा के चलते जगजीत सिंह ने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू तो की लेकिन गजल के लिए उनकी दीवानगी ने उन्हें इसे बीच में छोड़ने पर मजबूर कर दिया। जगजीत सिंह ऐसे शख्स के रूप में उभरे जिन्होंने एल्बम की कमाई में से लिरिक्स लिखने वालों को हिस्सा देने का ट्रेंड शुरू किया।

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