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जगन को फांसी पर लटकाने के हक में आंध्र के वज़ीर

हैदराबाद, 14 अप्रैल: भले ही कांग्रेस की अगुआई वाली मरकज़ी हुकूमत बदउनवानी ( भ्रष्टाचार/ Corruption) के संगीन इल्ज़ामों से जूझ रही हो, लेकिन आंध्र प्रदेश के फायनेंस मिनिस्टर अनम रामनारायण रेड्डी ने बदउनवानी के इल्ज़ामो के सबब जेल में बंद कडप्

हैदराबाद, 14 अप्रैल: भले ही कांग्रेस की अगुआई वाली मरकज़ी हुकूमत बदउनवानी ( भ्रष्टाचार/ Corruption) के संगीन इल्ज़ामों से जूझ रही हो, लेकिन आंध्र प्रदेश के फायनेंस मिनिस्टर अनम रामनारायण रेड्डी ने बदउनवानी के इल्ज़ामो के सबब जेल में बंद कडप्पा एमपी जगनमोहन रेड्डी को फांसी पर लटकाने की पैरवी कर डाली।

रेड्डी के बयान पर हफ्ते के दिन पूरे रियासत में वाईएसआर कांग्रेस कारकुनो का जब गुस्सा फूटा तो मामले को हल्का करने के बजाय रियासती कांग्रेस सदर व रियासत के वज़ीर ट्रांसपोर्ट बोत्सा सत्यनारायण व सेकेंडरी तालीम के वज़ीर के पार्थसारथी ने भी अपने कैबिनेट साथीयों की मांग को जायज ठहरा दिया।

दोनों वुजरा ने कहा कि रामनारायण ने जो कहा, वह सौ फीसद सही है।

गुस्साए वाईएसआर कारकुनो ने रामनारायण की शव यात्रा निकाली और कई जगह उनके पुतले फूंके। राजधानी हैदराबाद, तिरुपति, अनंतपुर, गुंटूर, करीमनगर, नेल्लोर, विशाखापत्तनम में रामनारायण के खिलाफ वाईएसआर कांग्रेस ने एहतिजाज किए। रामनारायण ने जुमे के दिन कहा था, जगन मुल्क के सबसे बदउनवान (भ्रष्ट) लीडर नेता हैं, अगर बदउनवानी ( भ्रष्टाचार) के लिए मौत की सजा का कानून है तो इसके लिए जगन से मुनासिब कोई और नहीं है। उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि अपने वालिद के इक्तेदार ( शासन) में जगन ने पूरे रियासत को लूटा। जेल में बंद होने के बावजूद जगन कांग्रेस हुकूमत को गैर मुस्तहकम करने की कोशिश कर रहे थे।

फायनेंस मिनिस्टर के इस बयान से कांग्रेस खुद बैकफुट पर आ सकती है, जिसकी हुकूमत के तीन मंत्रियों के खिलाफ सीबीआइ करप्शन का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। माली बदउनवानियों (Financial irregularities) में जगन को फायदा पहुंचाने के इल्ज़ाम में सीबीआइ ने हाल ही में पांचवीं चार्जशीट में रियासत की वज़ीर ए दाखिला पी सबिता रेड्डी को मुल्ज़िम बनाया है। एक और वज़ीर मोपीदेवी वेंकटरमना जेल में बंद हैं।

रामनारायण ने कहा कि वज़ीर ए आला राजशेखर रेड्डी के दबाव में इन वुजरा को आंख बंद कर सरकारी हुक्मनामो पर दस्तखत करने पड़े।

———-बशुक्रिया: जागरण

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