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जगन को मशरूत ज़मानत चंचलगुडा जेल से रिहाई

वाई एस आर कांग्रेस पार्टी सरबराह वाई एस जगन मोहन रेड्डी को 16 माह की क़ैद-ओ-बंद की सऊबतों के बाद आख़िर कार ज़मानत मिल चुकी है।

वाई एस आर कांग्रेस पार्टी सरबराह वाई एस जगन मोहन रेड्डी को 16 माह की क़ैद-ओ-बंद की सऊबतों के बाद आख़िर कार ज़मानत मिल चुकी है।

हैदराबाद में वाक़्ये सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत ने ग़ैर मह्सूब असासा जात के मुक़द्दमा में जगन मोहन रेड्डी को मशरूत ज़मानत मंज़ूर करदी।

तवक़्क़ो हैके जगन मोहन रेड्डी ज़रूरी सरकारी कार्यवाईयों की तकमील के बाद मंगल की सुबह या दोपहर तक चंचलगुडाजेल से रिहा होजाएंगे।

जगन मोहन रेड्डी जिन्हें सी बी आई ने 27 मई 2012 को गिरफ़्तार किया था और वो 16 माह से चंचलगुडा जेल में महरूस थे ज़मानत पर रिहाई के लिए वाई एस आर कांग्रेस पार्टी ने एक तवील क़ानूनी जद्द-ओ-जहद की।

मुक़ामी अदालत से लेकर हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया लेकिन ज़मानत के हुसूल में कामयाबी नहीं मिली ताहम आज इस तवील क़ानूनी जद्द-ओ-जहद बेहतर साबित हुई और जगन मोहन रेड्डी की जेल से रिहाई की राह हमवार होचुकी है।

जगन मोहन रेड्डी की ज़मानत की मंज़ूरी वाई एस आर कांग्रेस पार्टी और रियासत भर में उनके हामीयों के लिए किसी जश्न से कम नहीं। ज़मानत की मंज़ूरी की इत्तेला मिलते ही अदालत के बाहर और चंचलगुडा जेल के बाहर मौजूद जगन के सैंकड़ों हामीयों ने ख़ुशीयां मनाई।

सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत के जज यू दुर्गा प्रसाद राव‌ ने जगन मोहन रेड्डी को दो लाख रुपये के शख़्सी बांड और इसी तरह के दो अलाह्दा सेक्योरिटीज़ पर ज़मानत मंज़ूर की है।

जज ने जगन मोहन रेड्डी को हिदायत दी कि वो अदालत की इजाज़त के बगै़र हैदराबाद छोड़कर ना जाये। अदालत ने जगन मोहन रेड्डी से कहा कि वो रास्त-ओ-बिलवासता तौर पर गवाहों पर असरअंदाज़ होने की कोशिश ना करें।

अदालत में इस मुक़द्दमा की समाअत के दौरान उन्हें हाज़िर रहने की भी हिदायत दी गई है। अदालत ने सी बी आई को इस बात की इजाज़त दी कि अगर जगन मोहन रेड्डी शराइत की ख़िलाफ़वरज़ी करें तो वो ज़मानत की मंसूख़ी के लिए रुजू होसकती हैं।

जगन मोहन रेड्डी के ख़िलाफ़ सी बी आई ने जो मुक़द्दमा दर्ज क्या इस में इल्ज़ाम हैके उनके वालिद डक्टर वाई एस राज शेखर रेड्डी के दौर चीफ़ मिनिस्ट्री में 2004 ता 2009 मुख़्तलिफ़ बड़ी कंपनीयों में हुकूमत से बाज़ रियायतों के हुसूल के इव्ज़ जगन की कंपनीयों में भारी सरमाया कारी की है।

जगन मोहन रेड्डी की ज़मानत की इत्तेला मिलते ही अदालत के बाहर मौजूद जगन के हामीयों ने ज़बरदस्त आतशबाज़ी की और मिठाई तक़सीम की गई।

अदालती कार्रवाई के दौरान जगन की बीवी भारती और वाई एस आर कांग्रेस पार्टी के सीनीयर क़ाइदीन कोर्ट हाल में मौजूद थे। अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि अगर जगन मोहन रेड्डी गवाहों पर असरअंदाज़ होने की कोशिश करें तो उनकी ज़मानत मंसूख़ की जा सकती है।

अदालत ने हिदायत दी कि जगन किसी भी गवाह से गुफ़्तगु ना करें और उन पर किसी तरह असरअंदाज़ होने की कोशिश ना करें । वाज़िह रहे कि सी बी आई ने इस मुक़द्दमा में ताहाल 10 चार्ज शीट दाख़िल किए हैं और 5 चार्ज शीट जारीया माह दाख़िल किए गए।

जारीया साल 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था जगन मोहन रेड्डी सी बी आई की तरफ से क़तई चार्ज शीट के इदख़ाल के बाद ज़मानत के लिए दरख़ास्त दे सकते हैं।

सी बी आई ने जगन को ज़मानत दिए जाने की ये कहते हुए मुख़ालिफ़त की कि ज़मानत के हुसूल की सूरत में वो मुक़द्दमा पर असरअंदाज़ होसकते हैं।

जगन ने 11 सितंबर को ज़मानत के लिए दरख़ास्त दाख़िल की थी इन को यकीन् था कि सुप्रीम कोर्ट ने सी बी आई को तहक़ीक़ात की तकमील के लिए चार माह की जो मोहलत दी थी वो 9 सितंबर को ख़त्म होगई।

सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर 2012 और जारीया साल 9 मई को जगन की ज़मानत की दरख़ास्तों को मुस्तर्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मर्कज़ी तहक़ीक़ाती एजजेंसी को हिदायत दी कि वो तहक़ीक़ात की तकमील करते हुए अंदरून चार माह चार्ज शीट दाख़िल करदें।

सी बी आई के वकील ने अदालत में इस्तिदलाल पेश किया कि सुप्रीम कोर्ट ने तहक़ीक़ात की तकमील से मुताल्लिक़ जो हिदायत दी थी इस से दरख़ास्त गुज़ार जगन मोहन रेड्डी ज़मानत पर रिहाई के मुस्तहिक़ क़रार नहीं पाते।

सी बी आई के वकील ने कहा कि दरख़ास्त गुज़ार एक आला तरीन बाअसर शख़्स हैं और अगर उन्हें ज़मानत पर रिहा किया जाये तो वो अदालती कार्रवाई पर असरअंदाज़ होसकते हैं।

इस के बरख़िलाफ़ जगन मोहन रेड्डी ने ज़मानत की दरख़ास्त में कहा कि रियासत की तक़सीम के मसले पर साहिली आंध्र और रायलसीमा में जारी एजीटेशन के पेशे नज़र इस बात की ज़रूरत हैके वो अवाम के दरमयान रहें और एक सयासी जमात के क़ाइद की हैसियत से एहतेजाज की क़ियादत करें।

फ़रीक़ैन की समाअत के बाद अदालत ने फ़ैसला को आज तक के लिए महफ़ूज़ कर दिया था। सी बी आई की तरफ् से 17 सितंबर को आख़िरी दो चार्ज शीट दाख़िल की गई। इस मुक़द्दमा में कई रियास्ती वुज़रा साबिक़ वुज़रा और आई ए एस ओहदेदारों को भी सी बी आई ने मुल्ज़िम बनाया है।

रियास्ती वज़ीर भारी मसनूआत डाक्टर जय गीता रेड्डी को ताज़ा तरीन चार्ज शीट में मुल्ज़िम के तौर पर शामिल किया गया। इस से पहले सबीता इंदिरा रेड्डी और धर्मना प्रसाद राव‌ सी बी आई चार्ज शीट में नाम शामिल किए जाने के वज़ारत से मुस्ताफ़ी होचुके हैं।

एक और साबिक़ वज़ीर मोपी देवी वेंकट रमना को गिरफ़्तार कर के चंचलगुडा जेल में रखा गया था ताहम वो इन दिनों ईलाज के सिलसिले में उबूरी ज़मानत पर हैं।

कई आई ए एस ओहदेदार भी जगन मोहन रेड्डी केस में मुल्ज़िमीन के तौर पर शामिल किए गए और अदालती कार्रवाई का सामना कररहे हैं।

इसी दौरान वाई एस आर कांग्रेस पार्टी के तर्जुमान अम्बाटी राम बाबू ने अदालत के फ़ैसले पर तबसरा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को अदलिया पर मुकम्मिल भरोसा है।

उन्होंने यक़ीन ज़ाहिर किया कि जगन मोहन रेड्डी इस मुक़द्दमा में बाइज़्ज़त बरी होजाएंगे। जगन की ज़मानत की मंज़ूरी के साथ ही वाई एस आर कांग्रेस पार्टी कैडर के हौसले काफ़ी बुलंद होचुके हैं।

सयासी मुबस्सिरीन का ख़्याल हैके जेल से जगन की रिहाई के बाद वाई एस आर का नगरी पार्टी की मक़बूलियत और इस के इस्तिहकाम में इज़ाफ़ा होगा।

जगन की रिहाई से रियासत में नई सयासी सफ़ बंदीयों का भी इमकान ज़ाहिर किया जा रहा है क्यूंकि वो एसे वक़्त ज़मानत पर रिहा होरहे हैं जब कि रियासत की तक़सीम के मसले पर ज़बरदस्त एहतेजाज जारी है।

इस बात का इमकान हैके जगन मोहन रेड्डी साहिली आंध्र और रायलसीमा इलाक़ों में मौजूदा सयासी सूरत-ए-हाल के दौरान एक ग़ैर मुतनाज़ा मक़बूल आम क़ाइद के तौर पर उभरींगे और मुत्तहदा आंध्र तहरीक की क़ियादत करेंगे।

वाई एस आर कांग्रेस पार्टी ने खुल कर रियासत के तक़सीम की मुख़ालिफ़त की है।

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