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जम्मू-ओ-कश्मीर का मर्कज़ से राहती पैकेज का मुतालिबा

श्रीनगर, 22 मई: ( पी टी आई) हुकूमत जम्मू-ओ-कश्मीर मर्कज़ी हुकूमत से 607 करोड़ रुपये का राहती पैकेज तलब करेगी जिसका इस्तेमाल डोडा, रामबाण और कश्तवार अज़ला में ज़लज़ला से मुतास्सिरा इलाक़ों में किया जाएगा। दरीं असना एक सरकारी तर्जुमान ने बताय

श्रीनगर, 22 मई: ( पी टी आई) हुकूमत जम्मू-ओ-कश्मीर मर्कज़ी हुकूमत से 607 करोड़ रुपये का राहती पैकेज तलब करेगी जिसका इस्तेमाल डोडा, रामबाण और कश्तवार अज़ला में ज़लज़ला से मुतास्सिरा इलाक़ों में किया जाएगा। दरीं असना एक सरकारी तर्जुमान ने बताया कि रियासती हुकूमत मर्कज़ी हुकूमत को राहती पैकेज की तजवीज़ का अनक़रीब इदख़ाल करेगी।

तर्जुमान ने मज़ीद कहा कि हाल ही में वज़ीर-ए-आला उमर अबदुल्लाह की क़ियादत में रियासती काबीना के एक इजलास में मर्कज़ी हुकूमत से इमदादी पैकेज को तलब करने की एक क़रारदाद को मंज़ूर किया गया। तीनों अज़ला के महकमा रीवैन्यू की जानिब से किए गए एक तजज़ीया के मुताबिक़ ज़लज़लों से इन अज़ला के 43 फ़ीसद ख़ानदान मुतास्सिर हुए हैं जबकि 40 फ़ीसद मकानात को शदीद नुक़्सान पहुंचा है।

इन में से 1139 मकानात ऐसे हैं जो मुकम्मल तौर पर तबाह हो गए। 14,244 मकानात को शदीद नुक़्सान पहुंचा, और 56,846 मकानात को जुज़वी नुक़्सान पहुंचा। यही नहीं बल्कि 802 स्कूल भी तबाह हुए और साथ ही साथ 100 इबादतगाहों को भी नुक़्सान पहुंचा।

याद रहे कि डोडा, कश्तवार और रामबाण हालिया ज़लज़लों से शदीद मुतास्सिर हुए थे। अवाम को शदीद मुश्किलात का सामना करना पड़ा। जिन के मकानात तबाह हो गए थे उन्हें पनाह गज़ीन कैम्पों में ज़िंदगी गुज़ारना पड़ रहा है जबकि हुकूमत की जानिब से बाज़ आबादकारी का काम भी सुस्त रवी का शिकार है।

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