Wednesday , October 18 2017
Home / India / जम्मू-ओ-कश्मीर के हॉस्पिटल्स में डॉक्टर्स और अदवियात की शदीद क़िल्लत

जम्मू-ओ-कश्मीर के हॉस्पिटल्स में डॉक्टर्स और अदवियात की शदीद क़िल्लत

श्रीनगर, 4 जून : (पी टी आई) सी पी आई (एम) की जम्मू-ओ-कश्मीर यूनिट ने आज रियासत में डाक्टरों और ज़िंदगी बचाने वाली अदवियात की शदीद क़िल्लत पर तशवीश का इज़हार किया। आज हॉस्पिटल्स में ना डॉक्टर्स हैं और ना अदवियात। हुकूमत को इस जानिब तवज्जा

श्रीनगर, 4 जून : (पी टी आई) सी पी आई (एम) की जम्मू-ओ-कश्मीर यूनिट ने आज रियासत में डाक्टरों और ज़िंदगी बचाने वाली अदवियात की शदीद क़िल्लत पर तशवीश का इज़हार किया। आज हॉस्पिटल्स में ना डॉक्टर्स हैं और ना अदवियात। हुकूमत को इस जानिब तवज्जा ( ध्यान) देने की ज़रूरत है ताकि आवाम तिब्बी सहूलियात से ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेफ़ादा कर सकें।

सी पी आई (एम) रियासती सेक्रेटरी एम वाय तरेगामी ने आज एक अहम बयान जारी करते हुए कहा कि हुकूमत को रियासत के तमाम हॉस्पिटल्स का अचानक मुआइना करने को तरजीह देनी चाहीए । बीमारों का कोई पुर्साने हाल नहीं है । अवाम को ना ही तिब्बी सलाह दी जाती है और ना ही अदवियात क्योंकि डॉक्टर्स और अदवियात की बेहद क़िल्लत है ।

ये क़िल्लत मस्नूई है या हक़ीक़ी ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा। इस सिलसिले में उन्होंने रिपोर्टस का भी हवाला दिया कि वादी में कम-ओ-बेश 600 डॉक्टर्स की क़िल्लत पाई जा रही है जबकि 250 डॉक्टर्स ऐसे हैं जो गुज़श्ता कई साल से गैरकानूनी तौर पर अपनी ड्यूटी से गैर हाज़िर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक़ 72 अस्सिटेंट सर्जन , 55 स्पेशलिस्ट्स और 62 पैरा मेडीकल जायदादें मख़लवा हैं। शोपियाँ , पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग अज़ला में वाकेए मुख़्तलिफ़ हॉस्पिटल्स में मज़कूरा जायदादें मख़लवा हैं। गरीब बेचारा कहाँ जाएगा । सरकारी हॉस्पिटल्स का अगर यही हाल रहा तो गरीब आवाम जीते जी मर जाएंगे। ख़ानगी हॉस्पिटल्स अपनी ख़िदमात की तरफ से मशकूक और बेदर्द हो गए हैं। मरीज़ों को ईलाज के बहाने लौटा जा रहा है । सरकारी हॉस्पिटल्स में भी अगर यही हाल रहा तो अवाम की सेहत का ख़ुदा ही हाफ़िज़ है।

TOPPOPULARRECENT