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जम्मू-ओ-कश्मीर में तमाम साइबर कैफे का रजिस्ट्रेशन लाज़िमी

जम्मू , ३१ जनवरी (पी टी आई) हुकूमत जम्मू-ओ-कश्मीर को ये एहसास हो चुका है कि सिर्फ स्कूली और कालेज के तलबा ही इंटरनेट और असरी टैक्नालोजी से लैस नहीं हैं लुका अस्करीयत पसंद भी इस से इस्तिफ़ादा करते हैं और वक़तन फ़वक़तन इंटरनेट कैफे अस्करी

जम्मू , ३१ जनवरी (पी टी आई) हुकूमत जम्मू-ओ-कश्मीर को ये एहसास हो चुका है कि सिर्फ स्कूली और कालेज के तलबा ही इंटरनेट और असरी टैक्नालोजी से लैस नहीं हैं लुका अस्करीयत पसंद भी इस से इस्तिफ़ादा करते हैं और वक़तन फ़वक़तन इंटरनेट कैफे अस्करीयत पसंदों के इस्तेमाल में भी आते हैं, जिस की रोक थाम के लिए हुकूमत जम्मू-ओ-कश्मीर ने रियासत में मौजूद तमाम साइबर कैफे के रजिस्ट्रेशन का आग़ाज़ कर दिया है।

दरीं असना डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिशनर (DDC) अदधम पर पी के पोले ने कहा कि तमाम साइबर कैफे मालिकान और नेटवर्क ख़िदमात फ़राहम करने वाले जो कम्पयूटर ख़िदमात बिशमोल अवाम को फ़ीस लेकर या मुफ़्त में चाहे इस का कोई भी मक़सद हो जिस में तफ़रीही मक़सद ही शामिल है, उन केलिए लाज़िमी होगा कि वो अपने साइबर कैफे रजिस्टर करवा लें।

अपनी बात जारी रखते हुए मिस्टर पोले ने कहा कि ये इक़दामात एहतियाती तौर पर किए जा रहे हैं क्योंकि ग़ैर समाजी अनासिर और अस्करीयत पसंद मुवासलाती पैग़ाम रसाई के लिए असरी टेक्नोलोजी का इस्तेमाल कर रहे हैं और मुख़्तलिफ़ साइबर कैफे तक उन की रसाई है और क्यों ना हो? जब अवाम नई टेक्नोलोजी से इस्तिफ़ादा कर रही है तो अस्करीयत पसंद भला क्यों पीछे रहे?

लेकिन वो इन जदीद टेक्नोलोजी का इस्तेमाल भी मुनाफ़िरत और दहश्त फैलाने के लिए कर रहे हैं जो एक मुहज़्ज़ब समाज में नाक़ाबिल-ए-क़बूल है।

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