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ज़िमनी इंतिख़ाबात (उप चुनाव)में शिकस्त(हार) और अवाम की दूरी का जायज़ा

चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रियास्ती वुज़रा(मंत्री ) की दस रुकनी कमेटी को ज़िमनी चुनाव में पार्टी की शिकस्त(हार), हुकूमत-ओ-पार्टी को मुस्तहकम करने और जो तबक़ात पार्टी से दूर हुए हैं, दुबारा उन्हें पार्टी से क़री

चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रियास्ती वुज़रा(मंत्री ) की दस रुकनी कमेटी को ज़िमनी चुनाव में पार्टी की शिकस्त(हार), हुकूमत-ओ-पार्टी को मुस्तहकम करने और जो तबक़ात पार्टी से दूर हुए हैं, दुबारा उन्हें पार्टी से क़रीब लाने के लिए 15 दिन में उबूरी रिपोर्ट पेश करने की हिदायत दी है।

चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने ज़िमनी इंतिख़ाबात (उप चुनाव)में पार्टी की शिकस्त(हार) के इलावा दीगर(दुसरे) मसाइल का जायज़ा लेने और फ़लाही इस्किमात में इस्लाहात (सुधार)लाने के लिए दस रियास्ती वुज़रा(मंत्री ) पर मुश्तमिल एक कमेटी तशकील दी है, जिस का आज गांधी भवन में पहला इजलास मुनाक़िद हुआ। इजलास में चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शिरकत की।

इस कमेटी का कन्वीनर वज़ीर इमारात-ओ-शवारा धर्मना प्रसाद राव को बनाया गया है। इजलास में रियासत की ताज़ा सयासी सूरत-ए-हाल, ज़िमनी इंतिख़ाबात (उप चुनाव)में पार्टी की शिकस्त(हार), फ़लाही इस्किमात पर अमल आवरी और दीगर(दुसरे) उमूर(काम) पर ग़ौर किया गया। बादअज़ां(उसके बाद) प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए धर्मना प्रसाद ने बताया कि वुज़रा(मंत्री ) की कमेटी की कोई मीयाद मुक़र्रर नहीं है और ना ही उस की कोई हद है।

तेलंगाना मसला का कमेटी से कोई ताल्लुक़ नहीं है और ना ही कमेटी सिर्फ़ ज़िमनी चुनाव में पार्टी की शिकस्त(हार) का जायज़ा लेने के लिए तशकील दी गई है। कमेटी का दायरा कार काफ़ी वसीअ है, कमेटी अपनी पहली उबूरी रिपोर्ट 15 दिन में चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को पेश करदेगी और बादअज़ां(उसके बाद) वक़फ़ा वक़फ़ा से ज़रूरत के मुताबिक़ रिपोर्ट पेश करती रहेगी।

आंधरा प्रदेश में जो फ़लाही इस्किमात मुतआरिफ़ कराई गई हैं, इन इस्किमात को ग़रीब अवाम तक पहुंचाने के लिए मोसर इक़दामात किए जाऐंगे। उन्हों ने कहा कि वुज़रा(मंत्री ) की कमेटी जहां हुकूमत के इस्तिहकाम पर ग़ौर करेगी, वहीं पार्टी क़ाइदीन और कारकुनों के लिए बाइस-ए-फ़ख़र कहलाने वाले इक़दामात की हुकूमत से सिफ़ारिश करेगी और 2009-के मंशूर(मेनिफेस्टो) पर अमल आवरी को अव्वलीन तर्जीह देगी।

उन्हों ने कहा कि बदलते हालात के साथ इस्किमात में इस्लाहात लाने की सिफ़ारिश करेगी। कांग्रेस हुकूमत के पास मज़ीद दो साल हैं, अवाम और बिलख़सूस जो तबक़ात कांग्रेस से दूर हुए हैं, इन को पार्टी से क़रीब लाने की तजावीज़ पेश करेगी।

रियासत में कई सयासी जमातें हैं, अपने ज़ाती और सयासी मफ़ादात की ख़ातिर हुकूमत के ख़िलाफ़ मन घड़त इल्ज़ामात आइद करते हुए झूटा प्रोपेगंडा कर रही हैं, जिस का मुंहतोड़ जवाब देते हुए अवाम के सामने हक़ायक़ पेश किए जाऐंगे। उन्हों ने कहा कि वुज़रा(मंत्री ) कमेटी मुख़्तलिफ़ मसाइल का जायज़ा लेते हुए ज़रूरत पड़ने पर माहिरीन और दानिश्वरों से तजावीज़ तलब करेगी।

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