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जाकिर नाईक के एनजीओ को क्लीन चिट देने वाले अधिकारी की होगी जांच

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय नाइक के एनजीओ को क्लीन चीट देने वाले अधिकारी की जांच कर रहा है। बताया जा रहा है कि मंत्रालय, पिछले साल नाइक के एनजीओ को क्लीन चिट देने वाले असिस्टेंट डायरेक्टर लेवल के अधिकारी के खातों की जांच कर रहा है। हालांकि ऊपरी अधिकारियों के स्तर पर यह क्लीन चिट पास नहीं हुआ था। गृह मंत्रालय के FCRA मॉनिटरिंग के उस वक्त के डेप्युटी सेक्रटरी ने इस मामले पर चर्चा की बात कही थी। लेकिन अब वे परिस्थितियां जांच के घेरे में हैं जिनके तहत प्रस्ताव को क्लीन चिट दी गई थी। 2 जून 2014 से 6 जून 2014 के बीच नाइक के आईआरएफ अकाउंट्स में निरीक्षण दल को 30 प्रतिकूल टिप्पणियां मिली थीं जिसका जवाब आईआरएफ ने दिया था। इन सबके बीच राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को भी नाइक के एनजीओ से 50 लाख रूपए का चंदा दिए जाने का मामला सामने आया था।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि ‘ऐसा लगता है कि उस असिस्टेंट डायरेक्टर ने अपने दिमाग का इस्तेमाल किए बिना आईआरएफ के स्पष्टीकरण को ही हूबहू अपने निष्कर्ष में डाल दिया था।’ होम सेक्रटरी राजीव मेहऋषि ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जॉइंट सेक्रटरी जी के द्विदी को सस्पेंड कर दिया था। अधिकारी की मानें तो ‘जॉइंट सेक्रटरी के तौर पर एनजीओ के निरीक्षण की पेंडिंग फाइल को देखना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’

सूत्रों की मानें तो गृह मंत्रालय के सीनियर अधिकारी अब उस असिस्टेंट डायरेक्टर के खिलाफ मामले की जांच करने में लगे हैं जो अब FCRA की मॉनिटरिंग यूनिट का हिस्सा नहीं हैं। उस निरीक्षण रिपोर्ट में होम मिनिस्ट्री की ओर से जो 30 आपत्तियां दर्ज करायी गई थीं उस पर आईआरएफ की ओर से जवाब दिया गया था

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