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जिहादी सरगर्मीयों और नक्सलाइटस के ख़तरे में इज़ाफ़ा बाइस तशवीश

मुल्क गीर सतह पर खासतौर पर जुनूबी रियासतों केरला और तमिलनाडु में जिहादी सरगर्मीयों में इज़ाफे पर ईज़हार-ए-तशवीश करते हुए आर एस एस ने आज क़ौम से कहा कि एसे क़ौमी सलामती को लाहक़ ख़तरात को कुचल ने के लिए मोस्सर पालिसी बनानी चाहिए। जुनूबी

मुल्क गीर सतह पर खासतौर पर जुनूबी रियासतों केरला और तमिलनाडु में जिहादी सरगर्मीयों में इज़ाफे पर ईज़हार-ए-तशवीश करते हुए आर एस एस ने आज क़ौम से कहा कि एसे क़ौमी सलामती को लाहक़ ख़तरात को कुचल ने के लिए मोस्सर पालिसी बनानी चाहिए। जुनूबी साहिल (केरला और तमिलनाडु) से मादनियात की स्मगलिंग में कोई कमी नहीं आई है।

मग़रिबी बंगाल और केरला में आबादी के अदम तवाज़ुन की वजह एक ख़ास तबक़े की सरहद पार से दरअंदाज़ी है। रियासतों की बरसर-ए-इक्तदार पार्टीयां उन के सामने ख़ुदसपुर्दगी की पालिसी इख़तियार करचुकी हैं जिस की वजह से मुक़ामी आबादी की जान का ख़तरा पैदा होगया है और क़ौमी सलामती के साथ साथ नज़म-ओ-क़ानून की सूरत-ए-हाल भी अबतर होगई है।

क़ौम मर्कज़ी और रियासतों हुकूमतों की जानिब से जिहादी और नक्सलाइटस की सरगर्मीयों पर मोस्सर अंदाज़ में क़ाबू पाने की कोशिशों की मुंतज़िर है। उन्होंने अब्ना-ए-वतन से ख़ाहिश की कि गै़रक़ानूनीतारकीन-ए-वतन को रोज़गार और पनाह फ़राहम ना करें। उन्होंने कहा कि समाजी सूरत-ए-हाल की वजह से ग़रीबों का इस्तिहसाल होरहा है जिस के नतीजे में नक्सलाइटस को फ़ायदा होरहा है और नौजवान नक्सलाइटस में भर्ती होरहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमें एक चौकस प्रोग्राम, मुस्तहकम दिफ़ाई पालिसी की ज़रूरत है ताकि मुल्क की सयानत को यक़ीनी बनाया जा सके। हमें एसे अवामी मुआशरे की ज़रूरत है जो मुहिब-ए-वतन, चौकस और आला अख़लाक़ी किरदार का हामिल हो जिस से हुकूमत और फ़ौज के हौसले बुलंद हो सके।

उन्होंने शिकायत की कि फ़ौज में मख़लवा जायदादें पर नहीं की गई हैं और ये क़िल्लत दूर करना ज़रूरी है। उम्र रसीदा वालदैन को बैत अलमामरीन रवाना करने परतन्क़ीद करते हुए उन्होंने कहा कि बूढ़े वालदैन बैत अलमामरीन को और बूढ़े जानवर (गाईं) मस्लख़ को रवाना की जा रही हैं।

बिलवासता तौर पर मग़रिबी ममालिक को बैन-उल-अक़वामी पैमाना पर दहशतगर्दी फैलाने का इल्ज़ाम आइद करते हुए मोहन भागवत ने दावा किया कि मग़रिबी ममालिक के ख़ुदग़रज़ मुफ़ादात के नतीजे में दहश्तगर्दी नई नई शक्लों में आलमगीर सतह पर फैल रही है। अमरीका पर तन्क़ीद करते हुए उन्होंने कहा कि बाज़ ममालिक चाहते हैं कि मआशी मुफ़ादात हासिल करें और आलमयाने के नाम पर अपने सामराज की तौसीअ करें।

उन्होंने ख़ुदग़रज़ मुफ़ादात और बढ़ती हुई दहशतगर्दी को जड़ से उखाड़ फेंकने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ताकि दुनिया एक पुरअमन मुक़ाम बन सके। वो विजय‌ दशमी के मौक़े पर नागपुर में आर एस एस कारकुनों से ख़िताब कररहे थे जिसे दूरदर्शन और बाज़ दीगर ख़बररसां चयानलस ने रास्त नशर किया।

मोदी हुकूमत कीतारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि ये दौर-ए-हकूमत अच्छी हुक्मरानी के लिए याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अवाम को चाहिए कि हुकूमत के लिए ज़्यादा वक़्त दें ताकि वो कारकरद पालिसीयों पर मोस्सर अंदाज़ में अमल आवरी करसके। उन्होंने इज़हार इतमीनान किया कि फ़लाही इक़दामात, सयानत और हिफ़ाज़त के इक़दामात के ज़रिए हुकूमत अपनी मुहिम मुकम्मल नहीं करसकती लेकिन हुकूमत के पास अपने तैक़नात की तकमील के लिए कोई जादूई छड़ी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मर्कज़ और आर एस एस के कारकुन जम्मू-ओ-कश्मीर में हालिया सेलाब के दौरान राहत रसानी कार्यवाहीयां अंजाम दे चुके हैं जो लायक़ सताइश है।

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