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जीतन राम मांझी ने की 9 एलानात, बेटियों को दी पीजी तक फ्री तालीम

बिहार में जदयू इक्तिदार के नौ साल मंगल को पूरे हो गए। कामकाज का 9वां रिपोर्ट कार्ड पेश करते वक़्त वजीरे आला जीतन राम मांझी ने नौ ऐलान कीं। इसमें 2015 के इंतिखाबी साल का पूरा ध्यान रखा। फोकस खातून, किसान, जवान और दलितों पर रहा। मांझी ने ए

बिहार में जदयू इक्तिदार के नौ साल मंगल को पूरे हो गए। कामकाज का 9वां रिपोर्ट कार्ड पेश करते वक़्त वजीरे आला जीतन राम मांझी ने नौ ऐलान कीं। इसमें 2015 के इंतिखाबी साल का पूरा ध्यान रखा। फोकस खातून, किसान, जवान और दलितों पर रहा। मांझी ने एससी-एसटी के तालिबात और तमाम तबके की तालिबे इल्म के लिए पीजी तक फ्री पढ़ाई की ऐलान की। इससे एससी-एसटी के 90 हजार तालिबे इल्म और दूसरे तबकों की 3.60 लाख तालिबे इल्म को फाइदा होगा।

रियासत में सिपाहियों और हवलदारों को हरेक साल 13 माह का तंख्वाह मिलेगा। वहीं किसानों को सरकारी सेंटरों पर धान बेचने पर फी क्विंटल 300 रुपये बोनस दिया जाएगा। साल २००६ में मौजूदा वजीरे आला नीतीश कुमार ने हर साल रिपोर्ट कार्ड जारी करने की शुरुआत की थी। यह सिलसिला 8 साल तक उन्होंने जारी रखा। 9वें साल यह मौका मांझी को अपने छह माह के मुद्दत के बाद ही मिल गया। नीतीश इस मौके पर राब्ता सफर में नालंदा और जहानाबाद के दौरे पर थे।

हम यहां माला खटखटाने के लिए थोड़े हैं

मांझी ने हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। एक सहाफ़ि ने पूछा- आप नौजवानों को लुभाने के लिए ऐलान कर रहे हैं। ताे मांझी बोले- हम माला खटखटाने के लिए थोड़े हैं। एक दीगर ने पूछा- आप सीएम ओहदे पर नवम्बर तक ही कांट्रेक्ट पर हैं। इस पर मांझी ने झिड़की दी। कहा-ऐसा सवाल वापस लेना चाहिए। हमारा ओहदा कानूनी है। अभी हैं और आगे भी रहेंगे। हम खुले दिमाग से गरीबों की बात करते हैं। कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगता है तो क्या करें। नीतीश सभी के लीडर नेता हैं। एसेम्बली इंतिख़ाब में भारी बहुमत से जीतेंगे तो बड़े लीडर शरद यादव और नीतीश वजीरे आला के बारे में सोचेंगे।

कामयाबियां गिनाईं

वजीरे आला ने कहा- हमारी हुकूमत ने तालीम, कानून, ज़ीराअत, सेहत समेत तमाम हल्कों में तरक़्क़ी किया है। नीतीश ने कहा था बिजली नहीं सुधरी तो वोट मांगने नहीं जाऊंगा। आज बिजली काफी बेहतर हो गई है। 2015 तक बिहार 5000 मेगावाट बिजली का पैदावारी करने लगेगा।

जरूरत बताई

40 परिवारों पर 1 प्राइमरी स्कूल और 3 प्राइमरी स्कूलों पर एक मिडिल स्कूल खोलना चाहते हैं।
सड़क व बुनियादी बनावट में काफी काम बाकी है। हर गरीब के घर तरक़्क़ी की रौशनी पहुंचाना है।
हम चाहते हैं बड़ी तादाद में सरमायाकार आएं। रोजगार पैदा हो।

शर्मिंदगी जताई

बिजली निज़ाम सुधरी है। पहले 15-20 दिन बिजली नहीं आती थी। शिकायत भी कम होती थी। अब एक घंटे कटौती पर सैकड़ों फोन आते हैं। कई बार हुकूमत को बदनाम करने की सियासत होता है। बाराचट्टी में तार काटने या ट्रांसफार्मर शाॅर्ट करा देने का वाकया हुआ है। इनसे शर्मिंदगी होती है।

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