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जुबली हॉल, असेंबली और हाइकोर्ट की इमारतें अगला निशाना!

सलतनते उस्मानिया की जानिब से तामीर कर्दा उस्मानिया हॉस्पिटल के इन्हिदाम से मुताल्लिक़ हुकूमत के फ़ैसला ने दीगर तारीख़ी इमारतों के तहफ़्फ़ुज़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्र शेखर राव ने अचानक उस्मानिया हॉस्पिटल की इमारत के इन्हिदाम का फ़ैसला किया जबकि बावसूक़ ज़राए के मुताबिक़ चीफ़ मिनिस्टर के एजेंडा में हैदराबाद की बाअज़ दीगर तारीख़ी इमारतें भी शामिल हैं जिन्हें वो बतदरीज मुनहदिम करने का मंसूबा रखते हैं।

तारीख़ी इमारतों के इन्हिदाम के लिए उन की ख़स्ताहाली और बोसीदगी का बहाना बनाया जा रहा है जबकि शहर में और भी कई ऐसी इमारतें हैं जो सलतनते आसिफ़िया से क़ब्ल तामीर की गईं।

चीफ़ मिनिस्टर के क़रीबी ज़राए के मुताबिक़ तारीख़ी इमारतों के इन्हिदाम की फ़ेहरिस्त में जो दीगर इमारतें शामिल हैं उन में हाईकोर्ट, असेंबली की क़दीम इमारत, जुबली हॉल और किंग कोठी हॉस्पिटल शामिल हैं।

इन इमारतों के साथ सलतनते आसिफ़िया और बतौर ख़ास आसिफ़ साबह नवाब मीर उसमान अली ख़ान का नाम जुड़ा हुआ है क्योंकि उन्हों ने ये इमारतें तामीर कराई थीं। बताया जाता है कि अगर हैदराबादी अवाम उस्मानिया हॉस्पिटल की इमारत के तहफ़्फ़ुज़ के लिए मसाई ना करें और अगर ये इमारत मुनहदिम करदी गई तो हुकूमत के लिए एजेंडा में मौजूद दीगर इमारतों का इन्हिदाम की राह हमवार हो जाएगी।

बावसूक़ ज़राए ने बताया कि चीफ़ मिनिस्टर को ये बावर किया गया है कि क़दीम इमारतों की जगह वो अपने दौर में नई इमारतें तामीर करते हुए उन के साथ अपने नाम को जोड़ सकते हैं।

फ़िर्कावाराना ज़हनीयत और निज़ाम से तास्सुब रखने वाले अनासिर ने हुकूमत को ये बावर कराने में कामयाबी हासिल करली है कि बोसीदगी के बहाने इन इमारतों को मुनहदिम किया जाए ताकि हैदराबाद की शनाख़्त सलतनते आसिफ़िया की तारीख़ी इमारतों से बाक़ी ना रहे।

शहर के अवामी नुमाइंदे, सलतनते आसिफ़िया की मौजूदा नसल और तारीख़ी इमारतों के तहफ़्फ़ुज़ से मुताल्लिक़ तंज़ीमों की ज़िम्मेदारी है कि वो इस मसअले पर आवाज़ उठाएं।

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