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जेलों पर हो सकते हैं हमले

दख्ला वज़ारत ने नक्सल मुतासीर रियासतों की पुलिस को अलर्ट किया है। वज़ारत की तरफ से कहा गया है कि नक्सली जेलों पर हमला कर अपने साथियों को छुड़ा सकते हैं।

दख्ला वज़ारत ने नक्सल मुतासीर रियासतों की पुलिस को अलर्ट किया है। वज़ारत की तरफ से कहा गया है कि नक्सली जेलों पर हमला कर अपने साथियों को छुड़ा सकते हैं।

ताहम इस खबर की तसदीक़ नहीं हो सकी है। 17 सितंबर को मुखतलिफ़ टीवी चैनलों पर चली खबर के मुताबिक नक्सली तंज़िम भाकपा माओवादी के जेनरल सेक्रेटरी गणपति ने अपने साथियों को 17 पन्नों का एक खत लिखा है, जिसमें कहा है कि जेलों में बंद साथियों का बेल करायें या जेलों पर हमला कर उन्हें आज़ाद करायें। इस खबर के बाद झारखंड में जेलों के अंदर और बाहर की सेक्युरिटी बढ़ा दी गयी है।

तंज़िम में कियादत की कमी
ज़राये के मुताबिक भाकपा माओवादी तंज़िम की कियादत की कमी से जूझ रहा है। उसके पोलित ब्यूरो के 12 में से छह रुक्न या तो मारे गये या जेल में हैं। कोबाड गांधी, अमिताभ बागची, साहेब चटर्जी, प्रमोद मिश्र जैसे लीडर जेल में बंद हैं। किशनजी और आजाद जैसे लीडर पुलिस तसादम में मारे जा चुके हैं। सेंट्रल कमेटी के मेंबरों का भी कमो बेश यही हाल है।

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