Saturday , August 19 2017
Home / Khaas Khabar / जेल मे कैद चीनी मुस्लिम अर्थशास्त्री अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित

जेल मे कैद चीनी मुस्लिम अर्थशास्त्री अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित

चीन: मानवाधिकार संगठनों के एक समूह ने चीन में कैद चीनी मुस्लिम अल्पसंख्यक विद्वान् और अर्थशास्त्र के प्रोफेसर इल्हाम तोहती को मानवाधिकार रक्षकों को दिए जाने वाले वार्षिक पुरूस्कार से सम्मानित किया है | मार्टिन एन्नल्स पुरुस्कार एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वाच और आठ अन्य मानवाधिकार संगठनों द्वारा दिया जाता है। पुरस्कार समारोह जिनेवा, स्विट्जरलैंड में मंगलवार शाम को होगा ।
प्रोफेसर तोहती को दो दिन की सुनवाई के बाद सितंबर 2014 में अलगाववाद के आरोप में उम्रकैद की सजा दी गई थी। तुर्की मुस्लिम उइघुर जातीय समूह के सदस्य प्रोफेसर तोहती बीजिंग के मिन्जु विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे और वह झिंजियांग के दूर पश्चिमी क्षेत्र में बीजिंग की जातीय नीतियों के एक मुखर आलोचक थे । सुनवाई के दौरान श्री तोहती ने अलगाववाद या हिंसा की वकालत से इनकार किया था ।
मानवाधिकार संगठनों के समूह द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि “प्रोफेसर तोहती ने दमनकारी चीनी नीतियों और उइघुर की शिकायतों को प्रकाश में लाकर इनके सुधारे जाने की मांग की | यह वह जानकारी है जिसको चीनी सरकार परदे के पीछे छुपाना चाहती है |”
बयान में आगे कहा गया कि प्रोफेसर तोहती अपनी परवाह किये बगैर लगातार सुधार और सुलह की आवाज़ बने रहे |
प्रोफेसर तोहती की सजा की कई पश्चिमी देशों की सरकारों और यूरोपीय संघ ने निंदा की है, और इस साल जनवरी में कई सौ शिक्षाविदों ने उन्हें रिहा करने के लिए चीन की कम्युनिस्ट सरकार को एक याचिका भेजी थी ।
कई उइघुरों का कहना है कि चीनी सरकार की नीतियों और चीन के बहुमत हान जातीय समूह से संबंधित प्रवासियों के बढ़ी संख्या में आने से उनकी संस्कृति को खतरा है और इससे वह आर्थिक रूप से हाशिए पर आ गए हैं । इस तरह की भावनाओं को कई बार हिंसा के आधार के रूप में देखा जाता है, जैसे 2009 में उरूमची की क्षेत्रीय राजधानी में घातक दंगे ऐसी ही भावनाओं का परिणाम थे ।
चीन की सरकार ने पुरस्कार पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन आम तौर पर चीनी सरकार इस तरह के पुरूस्कार को चीन की प्रतिष्ठा को नुक्सान पहुँचाने की एक विदेशी साजिश बता कर निंदा करती है ।
ह्यूमन राइट्स वाच के साथ काम करने वाली शोधकर्ता माया वांग का कहना है कि पुरुस्कार न सिर्फ प्रोफेसर तोहती के अल्पसंख्यक अधिकारों को प्रोत्साहन और हान और उइघुर समुदाय के बीच संवाद को बढ़ावा देने के काम को सराहता है बल्कि चीनी सरकार की अपने आलोचकों को कठोर दंड देने की नीतियों पर भी प्रकाश डालता है |
“पुरूस्कार पर गुस्सा करने की बजाय, चीनी सरकार को प्रोफेसर इल्हाम तोहती को रिहा करना चाहिए और झिंजियांग प्रांत में अपनी दमनकारी नीतियों को समाप्त करना चाहिए,” वांग ने कहा।
प्रोफेसर तोहती के साथ उनके सात छात्रों को भी चीन सरकार द्वारा सजा सुनाई गयी थी | अधिकारीयों ने प्रोफेसर तोहती और छात्रों पर एक अपराधिक समूह गठित कर झिंजियांग प्रांत को चीन से अलग करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था |
इस वर्ष के पुरस्कार के लिए अन्य प्रतियोगी इथियोपिया के स्वतंत्र पत्रकारिता समूह जोन 9 ब्लॉगर्स, और सीरियाई मानवाधिकार वकील, एक्टिविस्ट और पत्रकार रज़न ज़ैतुनाह थे।

TOPPOPULARRECENT