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जॉर्डन की पत्रकार अहलाम आरिफ अल तमीमी का नाम एफबीआई की सर्वाधिक वांछित सूची में

जॉर्डन। येरूसलम के एक रेस्तरां में वर्ष 2001 में आत्मघाती बम विस्फोट में सहायता करने वाली जॉर्डन की महिला पत्रकार अहलाम आरिफ अहमद अल तमीमी को संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) द्वारा सबसे ज्यादा वांछित सूची में रखा गया है। साल 2013 में अवैध कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक टेलीविजन की पत्रकार अहलाम आरिफ अहमद अल तमीमी पर मामला दर्ज किया गया था, लेकिन मंगलवार को इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई।

 

 

तामिमी पर आरोपों का सिलसिला 9 अगस्त, 2001 से शुरू हुआ जब स्बररो पिज़्ज़ेरिया में बमबारी हुई जिसमें 15 लोग मारे गए और 120 अन्य घायल हो गए। मारे गए लोगों में दो अमेरिकी नागरिक थे अब इजरायल में तमीमी को मुकदमे में दोषी ठहराया और 2003 से 16 साल की जेल की सजा सुनाई गई। अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ सामूहिक विनाश के हथियार का इस्तेमाल करने की साजिश रचने के लिए मंगलवार को आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई।

 

 

संघीय अभियोजकों के मुताबिक वर्ष 2010 में तमीमी फ़िलिस्तीनी हमास आंदोलन के सैन्य शाखा की ओर से हमले करने येरूसलम के रेस्तरां हमलावर के साथ गई थी। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उसने उस क्षेत्र में बॉम्बर को विस्फोटक उपकरण विस्फोट करने का निर्देश दिया, जो एक गिटार में छिपा हुआ था। 2011 में इजरायल और हमास के बीच कैदी के आदान-प्रदान के दौरान अल-तमीमी को जेल से मुक्त किया गया था और वह जॉर्डन लौट आई थी।

 

 
यद्यपि न्याय विभाग का कहना है कि वह उसे हिरासत में लेने के लिए काम कर रहा है। जॉर्डन की अदालत ने कहा है कि उनके संविधान में जॉर्डन के नागरिकों के प्रत्यर्पण की अनुमति नहीं है। वाशिंगटन डीसी से रिपोर्ट करते अल जजीरा के शिहाब रत्तनसी ने कहा कि यह पहली बार है जब अमेरिकी सरकार ने इजरायल के कब्जे के खिलाफ फिलीस्तीनी हमले में शामिल किसी व्यक्ति का प्रत्यर्पण और उस पर मुकदमा चलाने की कोशिश की है।

 

 
अमेरिकी नागरिकों के रिश्तेदारों द्वारा कहा गया है कि उनकी मौत अलग तरीके से हुई है, लेकिन यह पहली बार है कि सरकार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के कार्यवाहक मैरी मैकॉर्ड ने अल-तमीमी को अपमानजनक आतंकवादी कहा था। आतंकवादियों ने दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को लक्ष्य बनाया है। हम कभी नहीं भूलेंगे और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उन्हें इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। अल-तमीमी को अमेरिका में कैद रखने की कोशिश जा रही है और उसे आजीवन कारावास का सामना करना पड़ सकता है।

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