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ज्वाला गुट्टा ने पद्म सम्मानों पर उठाए सवाल, पूछा पहले आवेदन फिर सिफारिश की जरूरत क्यों

नई दिल्ली: बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने पद्म सम्मानों की घोषणा पर सवाल उठाया है। ज्वाला ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर न सिर्फ खुद को सम्मान नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है, बल्कि इसकी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। ज्वाला ने पूछा है कि इन सम्मानों के लिए पहले आवेदन फिर सिफारिशों की जरूरत क्यों पड़ती है।

ज्वाला गुट्टा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, “मुझे इस बात पर हमेशा से आश्चर्य होता रहा है कि देश के सबसे प्रतिष्ठित पद्म सम्मानों के लिए आवेदन करना होता है… लेकिन जब एक प्रक्रिया बना ही दी गई है, तो मैंने भी आवेदन कर दिया। मैंने आवेदन इसलिए किया, क्योंकि मुझे लगता है कि मैंने अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है और इसलिए मैं इसकी हकदार हूं। मैं अपने देश के लिए 15 वर्षों से खेलती आ रही हूं और कई बड़े टूर्नामेंट जीते हैं।”

 

I always wondered the concept of applying for particular award which is the most reputed awards in our country.. but…

Posted by Gutta Jwala on Wednesday, 25 January 2017

 

इसके बाद जवाला ने लिखा है, “मुझे लगता है कि इसके लिए केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होता। आपको सिफारिशों की जरूरत होती है। इसकी सिफारिश कि आप इस सम्मान के लिए योग्यता रखते हैं….लंबी प्रक्रिया चलती है….लेकिन मेरा सवाल यह है कि इस सम्मान के लिए मुझे आवेदन करने और अनुसंशा के लिए अनुरोध करने की जरूरत क्यों है…क्या मेरी उपलब्धियां ही काफी नहीं हैं? मैं पूरे तंत्र के बारे में जानने के लिए उत्सुक हूं।

फिर उन्होंने लिखा है कि मेरा दिल्ली और ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार दो पदक काफी नहीं हैं? वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेरा मेडल इसके लिए पर्याप्त नहीं है? महिला डबल्स और मिश्रित डबल्स रैंकिंग में मैं शीर्ष-10 में रही, सुपरसीरीज और ग्रांप्री गोल्ड में मेरा प्रदर्शन क्या काफी नहीं है?”

इसके आगे जवाला ने लिखा है, “मैंने 15 बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती है। साथ ही मैं ओलिंपिक की दो स्पर्धाओं में क्वालिफाई करने वाली भारत की पहली खिलाड़ी रही हूं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रकाश पादुकोण के बाद पदक जीतने वाली मैं पहली खिलाड़ी हूं।” आखिरी में उन्होंने लिखा है, “मैंने भारत में उस समय डबल्स बैडमिंटन की आधारशिला रखी थी, जब इसे कोई भी गंभीरता से नहीं लेता था। लेकिन क्या यह सब काफी नहीं है, क्योंकि मैं ज्यादा बोलती हूं। क्योंकि मैं अपने विचार खुलकर रख देती हूं। आखिर मुझे यह सम्मान नहीं दिए जाने के पीछे क्या कारण है?…. यदि मेरी इतनी सारी उपलब्धियां काफी नहीं हैं, तो फिर इसके लिए और क्या चाहिए?

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