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ज्वेलरी शाप में सरका के एक मुल्ज़िम की ड्रामाई ख़ुदसपुर्दगी

शहर हैदराबाद के मसरूफ़ तरीन इलाके पंजागुट्टा में पिछ्ले रोज़ पेश आई सरका की संगीन वारदात में शामिल एक सार्क को सिटी पुलिस ने आज मीडीया के रूबरू पेश कर दिया जिस ने एक तेलुगु की टी चैनल के दफ़्तर पहुंच कर अपने जुर्म को क़बूल करलिया था त

शहर हैदराबाद के मसरूफ़ तरीन इलाके पंजागुट्टा में पिछ्ले रोज़ पेश आई सरका की संगीन वारदात में शामिल एक सार्क को सिटी पुलिस ने आज मीडीया के रूबरू पेश कर दिया जिस ने एक तेलुगु की टी चैनल के दफ़्तर पहुंच कर अपने जुर्म को क़बूल करलिया था ताहम दूसरा सार्क हनूज़ पुलिस की गिरिफ़त से बाहर है।

कमिशनर पुलिस अनुराग शर्मा का कहना है कि पुलिस की ख़ुसूसी टीमें दूसरे सार्क की तलाश में हैं जिस को जल्द गिरफ़्तार करलिया जाएगा।

इस ख़सूस में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सिटी पुलिस कमिशनर अनुराग शर्मा ने बताया कि 24 और 25 जनवरी की शब पंजागुट्टा के इलाके में वाक़िये तनिष्क जीवीलरी में सरका की संगीन वारदात पेश आई थी जिस में 18 किलो सोना और हीरे जवाहरात से जुड़े 12 किलो वज़नी जे़वरात का सरका करलिया गया था।

उन्होंने कहा कि पुलिस सी सी टी वी कै़मरो में क़ैद फूटेज की मदद से तहक़ीक़ात में मसरूफ़ थी और केस सी सी एसके हवाले कर दिया गया था कि इसी दौरान एक सार्क 23 साला भौमना किरण कुमार ने टी वी चैनल के सामने अपना जुर्म क़बूल करलिया।

सिटी पुलिस कमिशनर ने बताया कि मस्रूक़ा जे़वरात मालियत 5.97 करोड़ रुपये के थे। पुलिस कमिशनर ने बताया कि भौमना किरण कुमार के इक़बाल-ए-जुर्म के बाद पुलिस ने सी सी टी वी कैमरों का मुशाहिदा किया और इस नतीज्के पर पहुंची कि जिस सार्क ने दूकान में सरका क्या वो भौमना किरण कुमार नहीं था।

दूकान के अंदर नक़बज़नी के ज़रीये दाख़िल होने वाला शख़्स कोई और था चूँकि वो जिस्मानी माज़ूर था। पुलिस ने भौमना से तफ़तीश के दौरान इस बात को क़बूल किया कि दूकान में दाख़िल होने वाला वो नहीं था बल्कि इस का साथी आनदन था ताहाल पुलिस की गिरिफ़त से बाहर है।

सिटी पुलिस कमिशनर ने बताया कि सरका करने से पहले इन दोनों ने मुक़ाम का मुआइना किया था और 24 और 25 जनवरी से पहले 22 और 23 नक़बज़नी का आधा काम मुकम्मिल करचुके थे जिन्होंने एक दिन का वक़फ़ा लेकर अपने मंसूबा को अंजाम दिया।

सिटी पुलिस कमिशनर ने बताया कि साल 2009 में इस जे़वरात की दूकान की मुरम्मत की गई थी और जहां से नक़बज़नी की गई इस मुक़ाम पर एक खिड़की मौजूद थी।

इस दूकान की तामीर साल 1997 और 1998 के दरमयान हुई।उन्होंने बताया कि दूकान के अंदर दाख़िल होने के बाद सार्क ने पहले लाईटस के स्वीच बोर्ड बंद करदिए और इस के बाद इस ने क़ुफ़ुल तोड़ कर जे़वरात को थैले में डाल लिया।

पुलिस कशमनर अनुराग शर्मा के मुताबिक़ सार्क ने अपने हाथों पर गलौज़ पैरों में पॉलीथीन और चेहरे पर मासिक लगाया हुआ था और इस ने बड़ी चालाकी से काम लेते हुए दूकान में मिर्च पावडर को छिड़क दिया ताकि पुलिस और उन के कुत्तों को सुराग़ दस्तयाब होने में मुश्किल पेश आए।

उन्होंने बताया कि मफ़रूर सार्क आनंद को बहुत जल्द गिरफ़्तार करलिया जाएगा। इस मौके पर ऐडीशनल कमिश्नर्स इंजी कुमार संदीप शनडलीह जवाइंट कमिशनर ( एसबी ) मिला रेड्डी डी सी पी वेस्ट ज़ोन सत्य नाराय‌ना के अलावा ए सी पी बंजारा हिलस अशोक इन्सपेक्टर ( क्राईम) पंजागुट्टा-ओ-दुसरे मौजूद थे।

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