Wednesday , August 23 2017
Home / Delhi News / झंडे जलाने वाले , राष्ट्रवाद का प्रमाण मांग रहे हैं : कन्हैया

झंडे जलाने वाले , राष्ट्रवाद का प्रमाण मांग रहे हैं : कन्हैया

kanhaiya

नई दिल्ली: जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि जो पहले झंडे जला रहे थे वे अब उन्हीं झंडों के साथ खड़े होकर लोगों से राष्ट्रवाद के प्रमाणपत्र दिखाने के लिए कह रहे हैं। मेरा न्यायपालिका और संविधान में पूरा भरोसा है लेकिन उसे क्या करना चाहिए यह नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में तय नहीं होना चाहिए।’ कन्हैया ने कहा कि उनका एजेंडा नेता बनना नहीं बल्कि शिक्षक बनना है।
यह शोधार्थी देशद्रोह के एक मामले में 18 दिन तिहाड़ जेल में काटने के बाद अंतरिम जमानत पर गुरुवार को रिहा हुआ।

कन्हैया ने कहा, ‘मैं छात्र के रूप में एक कार्यकर्ता हूं और पांच साल में एक प्रोफेसर के रूप में कार्यकर्ता रहूंगा। मेरा मुख्य धारा की राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। ना ही मैं तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए जनता से जो समर्थन मिला उसका प्रयोग करना चाहता हूं।’

कन्हैया के अनुसार, विश्वविद्यालय को कथित रूप से राष्ट्रविरोधी के रूप में पेश करने के पूरे विवाद ने विश्वविद्यालय की खास छवि बना दी है जिससे छात्र प्रभावित हो रहे हैं।

जेएनयू अध्यक्ष ने कहा, ‘मैं अंदर था, जेल से बाहर क्या हो रहा था, मुझे केवल खबरों से ही पता चल रहा था। केवल वाम समर्थक मेरे साथ खड़े नहीं थे बल्कि वे भी थे जो यह फैसला नहीं कर पाए कि उन्हें वाम झंडा पकड़ना चाहिए या दक्षिणपंथी, ऐसे लोग भी जेएनयू के समर्थन में आ रहे हैं।’

यह पूछे जाने पर कि क्या इस विवाद से उनके एबीवीपी से जुड़े छात्रों से संबंध प्रभावित होंगे, कन्हैया ने कहा, ‘छात्रावास में मेरा कमरा जेएनयू की एबीवीपी इकाई के प्रमुख के बगल में है। यही जेएनयू की खूबसूरती है। यह दो विचारधाराओं की लड़ाई है, लोगों के बीच नहीं।’ (भाषा)
WD

TOPPOPULARRECENT