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झारखंड का नसीब बदल देंगे: मोदी

झारखंड में भाजपा के इंतेखाबी मुहिम की शुरूआत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने जुमे के रोज़ को यहां अपनी पहली रैली से खिताब किया। उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि झारखंड में यह मेरी पहली इंतेखाबी इजलास है और मैं यहां की ज़मीन को नमस्कार क

झारखंड में भाजपा के इंतेखाबी मुहिम की शुरूआत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने जुमे के रोज़ को यहां अपनी पहली रैली से खिताब किया। उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि झारखंड में यह मेरी पहली इंतेखाबी इजलास है और मैं यहां की ज़मीन को नमस्कार करता हूं, क्येंकि यह बहादुरों की ज़मीन है। मोदी ने कहा कि उन्होंने आस्ट्रेलिया जाकर किसानों की बात की। आज दुनिया का हर मुल्क हिंदुस्तान के साथ काम करने के लिये खाहिशमंद है।

मोदी ने कहा कि मजबूत सरकार के लिए झारखंड को कुन्बा परवरी से आज़ाद कराना यहां के लोगों की जिम्मेदारी है। मोदी बोले, मैं लोकसभा इंतेखाबात में जीत देने के लिए शुक्रिया अदा करने आया हूं। उन्होंने कहा कि इस बार लोगों में भाजपा के तईन लोकसभा इलेक्शन से ज्यादा जोश नजर आ रहा है।

उन्होंने कहा कि वह जहां भी जाते हैं, मुल्क के गांव, गरीब, किसान हमेशा उनके साथ होते हैं। मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने साइंटिस्ट से मुलाकात कर जरई पैदावारी (Agricultural production) बढाने के बारे में शोध की बाबत पूछा। यहां उमडी भीड को देखकर मोदी ने कहा कि दिल्ली में सरकार बनानी थी तब तो इससे आधे लोग आए थे आज क्या वजह है कि उससे भी ज़्यादा लोग आए हैं, इसका साफ मतलब है कि अब हवा बदल चुकी है और लोग बदलाव चाहते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि झारखंड की तरक्की के लिए काबीना परवरी को दूर करना होगा, क्योंकि इस रियासत को बेशर्म होकर लूटा गया है। मोदी ने कहा कि यहां के लोगों की गरीबी की वजह काबीनापरवरी और उनकी बदउनवानी है। मोदी ने कहा कि मैं झारखंड की खिदमत करना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि मैं झारखंड के गरीबों, कबायलियों और नौजवानो की खिदमत करना चाहता हूं। इसका एक मौका मुझे दें। उन्होंने कहा कि जम्हूरीयत में किसी का गुरूर नहीं चलता। जम्हूरियत में जनता ही सब कुछ होती है। वह देती है तो छप्पर फाड कर और लेती है तो सब कुछ लूट लेती है।

अपने बैरून मुल्क के दौरे का जिक्र करते हुए मोदी बोले, हर जगह मुल्क ही दिल में था। मोदी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया जाकर उन्होंने जाना कि छोटे गरीब किसान, कम जमीन हो तो भी ज्यादा पैदावारी कैसे करें, ताकि खानदान को मुसीबत के दिन न देखने पडें।

पीएम ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में साइंटिस्टों से मिला। किसान चावल, चना, मूंग की खेती करते हैं, लेकिन एक एकड ज़मीन में जितनी पैदावार होनी चाहिए, नहीं होती। मैं नोबेल प्राइज वाले साइंसदानो से मिला, उनसे कहा कि कबायलि भाई-बहन जेनेटिक बीमारियों के शिकार हैं। आज उसकी कोई दवा नहीं है, मेरे कबायली खानदान तबाह हो रहे हैं- सिकलथेल की बीमारी। छुरी जैसे छोटे-छोटे दाने तैयार हो जाते हैं देह में। जीना हराम करते हैं। मोदी ने रैली लोगों से अपील की, मुझे व उन साइंसदानो को दुआ दो, ताकि ऐसी दवाई निकले, जिससे आपको बीमारी से आज़ादी मिल जाए, यह काम कर रही है सरकार।

मोदी ने कहा कि जब भी वह दुनिया के किसी भी बडे लीडर से मिलते हैं, तो मन में एक ही बात रहती है कि हिंदुस्तान के गरीबों और नौजवानों को रोजगार मिले।

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