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झारखंड में डेवलपमेंट मंसूबों की 59 फिसद रक़म कमीशन : एमएलए शिवशंकर उरांव

रांची : भाजपा एमएलए शिवशंकर उरांव ने बदुन्वान के मुद्दे पर एसेम्बली में अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। बजट सेशन में बुध को चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड में देवलोपमेंट मंसूबों की 59 फिसद रक़म कमीशन में चली जाती है। ऐसे में तरक्की के काम ज़मीन पर कैसे उतरेंगे़ भाजपा एमएलए की तरफ से उठाये गये इस मुद्दे पर ओपोजिशन ने भी चुटकी ली।

ओपोजिशन ने कहा कि हुकूमत एक तरफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है़। वहीं दूसरी तरफ हुकूमत के एमएलए ही बदुन्वान की पोल खोल रहे हैं। सरकार की तरफ से जवाब देते हुए वज़ीरे आला रघुवर दास ने भी कुबूल किया कि रियासत में बदुन्वान है़।

चर्चा के दौरान भाजपा एमएलए शिवशंकर उरांव ने कहा कि सांसदों और एमएलए को बदुन्वान की फिक्र नहीं है। विकास मंसूबों में जूनियर इंजीनियर से लेकर लीडरों और सहाफियों तक का भी कमीशन तय है। सिर्फ बजट में ज्यादा रक़म की तजवीज करने से मनसूबे ज़मीन पर नहीं उतर सकती हैं। सबसे पहले बदउन्वान को खत्म करना होगा।

शिवशंकर उरांव ने कहा जिले से लेकर आला सतह तक कमीशन की रक़म बांटी जाती है। जिला सतह पर मंसूबों की कुल रक़म का 11 फिसद कमीशन में ही चला जाता है। आला सतह पर 21 फिसद तक कमीशन लगता है। इसके अलावा टेंडर लॉस 10 फिसद है। कांट्रेक्टर का अपना हिस्सा 10 फिसद रहता है। लीडर, पुलिस और सहाफियों के दरमियान सात फिसद तक कमीशन की रक़म बांटी जाती है।

सरकार की तरफ से जवाब देते हुए वज़ीरे आला रघुवर दास ने कुबूल किया कि बदउन्वान है। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा बदउन्वान है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। पर सरकार बदउन्वान से कोई समझौता नहीं करेगी। बदउन्वान पर सरकार की पालिसी और नीयत दोनों साफ है। बदउन्वान पर दबिश लगाने को लेकर सख्त कदम उठाये जा रहे हैं। गुजिश्ता 13 माह का काम ट्रेलर है। पूरी फिल्म अभी बाकी है।

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